यमुनानगर से पलवल जा रहे नगर निगम के SDO दीपक कुमार बागपत में कार के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

यमुनानगर। नगर निगम में कार्यरत SDO दीपक कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनका शव बुधवार तड़के उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रमाला थाना क्षेत्र में दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर एक कार के अंदर मिला। दीपक कुमार की कार किशनपुर बराल गांव के पास एक निर्माणाधीन सीएनजी पंप के नजदीक सड़क किनारे खड़ी देखी गई थी। कार पूरी तरह से अंदर से लॉक थी और भीतर धीमी आवाज में म्यूजिक चल रहा था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद गाड़ी का शीशा तोड़कर दरवाजा खोला गया, जिसके बाद SDO का शव ड्राइविंग सीट पर मिला। उनके मुंह से खून निकल रहा था।

कार के अंदर संदिग्ध हाल में मिला शव

शुरुआती जांच में मामला बेहद रहस्यमयी नजर आ रहा है। पुलिस के अनुसार, जब कार को खोला गया तो दीपक कुमार अचेत अवस्था में पाए गए और उनकी मृत्यु हो चुकी थी। मृतक के मोबाइल फोन पर परिजनों के लगातार कॉल आने के बाद पुलिस ने उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी दी। परिजनों ने बताया कि दीपक यमुनानगर से अपने गृह नगर पलवल के लिए निकले थे, लेकिन वे बीच रास्ते में ही काल के गाल में समा गए। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवार के सदस्य भी बागपत पहुंच चुके हैं और इस घटना के बाद से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का रहस्य

रमाला थाना प्रभारी सूर्यदीप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध है और मौत के सही कारणों का पता लगाना अभी बाकी है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई, जहर से या फिर कोई अन्य आपराधिक पहलू इसमें शामिल है। पुलिस वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटा रही है और कार की फॉरेंसिक जांच भी करवाई जा सकती है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि कार वहां कब और कैसे रुकी थी। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।