शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने इसे छात्रों और युवाओं की बड़ी जीत करार दिया है। राव नरेंद्र सिंह और दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण सुधार नहीं होगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने इसे छात्रों और देश के युवाओं की बड़ी जीत बताया है। हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह जीत उन 21 बेटों-बेटियों के नाम है, जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने कहा कि यह देश के उन युवाओं की जीत है, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और जवाबदेही की क्रांति को जन्म दिया।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह जीत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भी है, जिन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को छात्रों की आवाज के माध्यम से मजबूती से उठाया। उन्होंने देश के सभी युवाओं और छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि जो सरकार युवाओं की आवाज को लगातार अनसुना कर रही थी, उसे आखिरकार झुकना पड़ा।

वहीं कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि आज सातवें आसमान पर पहुंच चुके सत्ता के घमंड को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि जब तक इस अहंकार को पूरी तरह चकनाचूर नहीं किया जाएगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। यह हमारे छात्रों की जीत है, जो हिंदुस्तान का भविष्य हैं।

दीपेंद्र हुड्डा ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार और आरएसएस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक समय देश की शिक्षा व्यवस्था की पूरी दुनिया में तारीफ होती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस व्यवस्था पर कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस ने दीमक बनकर शिक्षा व्यवस्था को खोखला कर दिया है।

कांग्रेस नेता ने धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि वह भ्रष्टाचार, अयोग्यता और शिक्षा व्यवस्था की तबाही के प्रतीक बन चुके थे और अच्छा हुआ कि यह प्रतीक अब हट गया। हालांकि उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री को हटाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार को अब कड़े कदम उठाने होंगे।

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि छात्रों की दो और मांगें अभी बाकी हैं और उन्हें भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने संघर्ष जारी रखने का संदेश देते हुए कहा—

“हार हो जाती है जब मान लिया जाता है,
जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है।”