अजयारविंद नामदेव, शहडोल। SECL Coal Mine Accident Case: SECL सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत बंगवार अंडरग्राउंड कोल माइन में हुए दर्दनाक रूफ फॉल हादसे के बाद आखिरकार प्रबंधन स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। हादसे में दो ठेका मजदूरों की मौत और चार मजदूरों के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में SECL मुख्यालय बिलासपुर ने बंगवार खदान के दो ऑफिसर बंगवार मैनेजर और वेंटिलेशन ऑफिसर को निलंबित कर दिया है, जबकि एक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सबसे दुखद पहलू यह कि 30 जून को मैनेजर रिटायर होने वाले थे, उसके पहले ही उन पर निलंबन की कार्रवाई हुई है।
बंगवार कोल माइन के मैनेजर डी.आर. कुर्रे और वेंटिलेशन ऑफिसर बाबूलाल विश्वकर्मा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं सेफ्टी ऑफिसर दीपक भारद्वाज को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रारंभिक जांच में अधिकारियों की लापरवाही और सुरक्षा मानकों में गंभीर चूक सामने आने की बात कही जा रही है।
इस कार्रवाई का सबसे चर्चित पहलू यह है कि बंगवार मैनेजर डी.आर. कुर्रे 30 जून को रिटायर होने वाले थे, रिटायरमेंट में महज कुछ ही दिन बाकी थे। लेकिन उससे पहले ही उन पर निलंबन की कार्रवाई हो गई। ऐसे में खदान हादसे के बाद हुई यह कार्रवाई पूरे SECL क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
गौरतलब है कि 5 जून को बंगवार भूमिगत कोयला खदान में रूफ फॉलिंग की बड़ी घटना हुई थी। खदान के भीतर अचानक छत का हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा, जिसमें कई मजदूर दब गए थे। हादसे में ठेका मजदूर बबलू कोल और गोलू बैगा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं अंजनी बैगा, अमित कुमार यादव, प्रेमलाल विश्वकर्मा और राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका उपचार कराया गया।
हादसे के बाद मजदूर संगठनों और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। अब SECL मुख्यालय द्वारा की गई इस कार्रवाई को बड़ी प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि आखिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कब तक मजदूरों की जान लेती रहेगी।

