अजय सैनी, भिवानी. सैक्टर-13, न्यू हाउसिंग बोर्ड एवं ईडब्ल्यूएस क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल, सीवरेज, बरसाती पानी की निकासी एवं बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर शुक्रवार को क्षेत्रवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त भिवानी से मुलाकात कर विस्तृत मांग पत्र सौंपा। इसके अतिरिक्त बिजली आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, भिवानी के अधीक्षक अभियंता को भी अलग से मांग पत्र सौंपा गया।

प्रतिनिधिमंडल में नगर परिषद भिवानी के पूर्व चेयरमैन विजय पंचगावा, दि भिवानी अर्बन एस्टेट वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रधान हर्षदीप डूडेजा, महासचिव चिरंजीलाल सांवरिया, सत्यवान हसान, शंकर आहुजा एवं अजीत नांदल शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अवगत करवाया कि सैक्टर-13, न्यू हाउसिंग बोर्ड एवं ईडब्ल्यूएस क्षेत्र के निवासी कई वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिनका स्थायी समाधान आज तक नहीं हो पाया है।

उपायुक्त को सौंपे गए मांग पत्र में बताया गया कि क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति नियमित एवं पर्याप्त नहीं है। अनेक स्थानों पर पानी का दबाव कम होने के कारण अंतिम छोर तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पाता। क्षेत्र की बढ़ती आबादी के अनुरूप जल भंडारण क्षमता भी पर्याप्त नहीं है। इसके अतिरिक्त सीवर लाइनों की नियमित सफाई नहीं होने तथा बरसात के मौसम में जल निकासी की समुचित व्यवस्था के अभाव में अनेक स्थानों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि कई बार बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पानी की सप्लाई भी प्रभावित होती है, जिससे नागरिकों की समस्याएं और बढ़ जाती हैं। मांग पत्र में जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता विकसित करने, सीवर व्यवस्था में सुधार करने तथा बरसाती पानी की निकासी के स्थायी प्रबंध करने की मांग की गई।
बैठक के दौरान हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखी गई समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने तथा जनहित से जुड़े इन विषयों को प्राथमिकता के आधार पर लेने के निर्देश दिए। अधिकारियों को समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कदम उठाने तथा प्रगति की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए। जिस पर प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त, डीएमसी व अन्य अधिकारियेां का आभार जताया।


प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीक्षक अभियंता को सौंपे गए मांग पत्र में क्षेत्र में बार-बार होने वाले बिजली फाल्ट, अनियमित बिजली आपूर्ति, फाल्ट बहाली में होने वाली देरी तथा शिकायतों के समाधान में आने वाली कठिनाइयों का विस्तार से उल्लेख किया। मांग पत्र में बताया गया कि बिजली लाइनों के नीचे स्थित पेड़ों की जनवरी-फरवरी माह में की जाने वाली ट्रिमिंग समय पर नहीं हुई है, जिसके कारण कई स्थानों पर फाल्ट उत्पन्न होते हैं। इसके अतिरिक्त अनेक स्थानों पर बिजली के तार ढीले होने तथा आपस में स्पर्श करने के कारण भी बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होती है।


प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि संबंधित बिजली सब-स्टेशन के उपकरणों की वार्षिक मेंटेनेंस एवं तकनीकी निरीक्षण नियमित रूप से करवाया जाए। साथ ही फाल्ट होने की स्थिति में नागरिकों को उसके कारणों तथा बिजली बहाल होने के संभावित समय की जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। विभाग द्वारा जारी शिकायत नंबरों पर संपर्क न हो पाने की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया गया। मांग पत्र में विशेष रूप से यह मांग रखी गई कि पेयजल आपूर्ति के निर्धारित समय के दौरान बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर निर्बाध रखा जाए, ताकि पानी की सप्लाई प्रभावित न हो और नागरिकों को दोहरी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त क्षेत्र के लिए अतिरिक्त तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति तथा अलग बिजली बीट गठित करने की मांग भी की गई।


प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 14 जून 2026 को सैक्टर-13 स्थित कम्युनिटी सेंटर में आयोजित नागरिक बैठक में क्षेत्र की समस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया था। उसी बैठक में सर्वसम्मति से शिकायतों एवं मांगों की सूची तैयार की गई थी, जिसके आधार पर संबंधित विभागों एवं प्रशासन को मांग पत्र सौंपे गए हैं।