अजयारविंद नामदेव, शहडोल। एक ओर सरकार गांव-गांव तक सड़क और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के दावे कर रही है, वहीं शहडोल जिले की एक बस्ती आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रही है। हालात ऐसे हैं कि मंदिर तक जाने के लिए भी ग्रामीणों को कीचड़ और दुर्गम रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश के दिनों में यह समस्या और विकराल हो जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी तक प्रभावित हो रही है।
शहडोल जिले के जनपद पंचायत ब्यौहारी अंतर्गत ग्राम पंचायत सरसी में मुख्य मार्ग से खेर माता मंदिर तक सड़क नहीं होने के कारण करीब 20 घरों की बस्ती के लोग लंबे समय से परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सड़क के अभाव में ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है, वहीं बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश होते ही कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी चुनौती बन जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है। बच्चों को विद्यालय पहुंचने के लिए फिसलन भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिसके कारण कई बार वे स्कूल नहीं जा पाते और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं। एसडीएम कार्यालय से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक आवेदन सौंपे गए, लेकिन अब तक सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी मांग वर्षों से फाइलों में दबकर रह गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मुख्य मार्ग से खेर माता मंदिर तक पक्की सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि बस्ती के लोगों को आवागमन की सुविधा मिल सके और बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो।
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