Bihar weather update: बिहार में मानसून ने एक बार फिर अपनी सक्रियता बढ़ानी शुरू कर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 25 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ खास स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, 1 अगस्त से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की प्रबल संभावना है।
इन प्रमुख जिलों में जारी हुई चेतावनी
मौसम विभाग की ओर से जारी अपडेट के अनुसार, अररिया, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, भोजपुर, बक्सर, गया, नवादा, बेगूसराय, मधेपुरा, समस्तीपुर, वैशाली और पश्चिम चंपारण समेत कई जिलों में अलग-अलग तिथियों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान राजधानी पटना और बेतिया समेत लगभग 10 जिलों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य इलाकों में केवल बादल छाए रहे और हल्की हवाएं चलीं।
उत्तर और दक्षिण बिहार में बारिश का असंतुलन
मौसम वैज्ञानिकों का विश्लेषण है कि इस समय मानसून पूरे बिहार में एक समान रूप से सक्रिय नहीं है। उत्तर और पूर्वी बिहार के ऊपर बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी युक्त हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे तेजी से बादलों का निर्माण हो रहा है और वहां बारिश की गतिविधियां बेहतर हैं। इसके विपरीत, दक्षिण और मध्य बिहार तक इन हवाओं का प्रभाव काफी कमजोर पड़ रहा है, जिस वजह से उन क्षेत्रों में बारिश की कमी बनी हुई है। दोपहर के बाद तीखी धूप और उमस बढ़ने से स्थानीय स्तर पर बादल जरूर बन रहे हैं, जिससे कुछ इलाकों में अचानक तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन जाती है।
पटना और दक्षिणी जिलों का हाल
राजधानी पटना में आज मौसम सामान्य रहने के आसार हैं। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन बारिश की संभावना काफी कम है। तेज धूप और वातावरण में अधिक नमी के कारण लोगों को भारी उमस और चिलचिलाती गर्मी का सामना करना पड़ेगा। ठीक इसी तरह गया, नालंदा और नवादा समेत दक्षिण बिहार के अन्य जिलों में भी मौसम ऐसा ही शुष्क और उमस भरा रहने की उम्मीद है।
अब तक रिकॉर्ड हुई सामान्य से कम बारिश
राज्य में मानसून की सुस्त शुरुआत का असर अब आधिकारिक आंकड़ों में साफ नजर आ रहा है। बिहार में इस सीजन में अब तक सामान्य से 42 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि तक कुल 494.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि वास्तविक रूप से केवल 288 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है, जो राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है।


