Business Desk – Share Market Update : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को मजबूती का माहौल देखने को मिला. बीएसई सेंसेक्स करीब 100 अंक की बढ़त के साथ 76,900 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि एनएसई निफ्टी भी हरे निशान में रहा. बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों में देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को समर्थन मिला.

बाजार में आई इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को बड़ा कारण माना जा रहा है. ब्रेंट क्रूड के दाम नरम पड़ने से भारत जैसे तेल आयातक देश को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है. सस्ता कच्चा तेल महंगाई पर दबाव कम कर सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और शेयर बाजार में खरीदारी बढ़ी.

कारोबार के दौरान IT कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली. वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की. बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही और कई प्रमुख शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए. विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक संकेतों में सुधार और तेल की कीमतों में नरमी से घरेलू बाजार को मजबूती मिल रही है.

हालांकि बाजार में आई इस तेजी के बीच कोटक की रिपोर्ट ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. रिपोर्ट के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत जरूर मिली है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने अभी भी कई चुनौतियां मौजूद हैं. इनमें सबसे बड़ी चिंता कमजोर मानसून की आशंका है. यदि बारिश सामान्य से कम रहती है तो कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे खाद्य महंगाई बढ़ने और ग्रामीण मांग कमजोर होने का खतरा रहेगा.

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार को तेल कीमतों में गिरावट और वैश्विक माहौल में सुधार का फायदा मिल रहा है, लेकिन आगे की दिशा मानसून, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी. कमजोर मानसून या किसी नए वैश्विक संकट की स्थिति में बाजार में फिर से उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है.

ऐसे में निवेशकों को केवल मौजूदा तेजी देखकर उत्साहित होने के बजाय सावधानी के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है. कोटक की चेतावनी का सार यही है कि बाजार फिलहाल राहत की सांस ले रहा है, लेकिन जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं.