संजय पाटीदार, भोपाल। भोपाल रेलवे स्टेशन पर आने वाले दिनों में ट्रेनों के संचालन का सिस्टम बदलने वाला है। स्टेशन पर बढ़ती यात्रियों की भीड़, ट्रेनों की आवाजाही और निर्माण कार्यों के चलते होने वाली परेशानियों को देखते हुए रेलवे नई व्यवस्था पर विचार कर रहा है। अब भोपाल स्टेशन से शुरू होने वाली कुछ ट्रेनों को रानी कमलापति स्टेशन से रवाना करने की तैयारी है।
राजधानी का प्रमुख भोपाल रेलवे स्टेशन… जहां हर दिन बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। ट्रेनों के आने-जाने का दबाव प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ और निर्माण कार्यों के बीच रेल संचालन को व्यवस्थित रखना रेलवे के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में अब ट्रेनों के संचालन को लेकर नई व्यवस्था पर मंथन शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि 8 से 10 ट्रेन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन शिफ्ट होंगी। स्टेशन पर बढ़ते दबाव को लेकर रेलवे ने फैसला लिया है। अभी रोजाना भोपाल रेलवे स्टेशन पर 70-80 हजार यात्री का दबाव होता है। मेट्रो निर्माण, बढ़ती भीड़ प्रमुख धार्मिक स्थलों पर देशभर से लोगों का आना होता है। रानी कमलापति स्टेशन, भोपाल स्टेशन का बोझ घटाएगा। रानी कमलापति से भी ट्रेनों में पानी भर सकेगा। नए स्टॉपेज की तैयारी है।
यात्रियों ने बताया अच्छा कदम
भोपाल रेलवे स्टेशन से कुछ ट्रेनों का संचालन रानी कमलापति स्टेशन से किए जाने के विचार को यात्रियों ने अच्छा कदम बताया है। यात्री रजत जैन, जतिन अग्रवाल का कहना है कि भोपाल स्टेशन पर काफी दबाव और भीड़ रहती है। उज्जैन सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर जाने वाले यात्रियों की संख्या भी काफी है। ऐसे में कुछ ट्रेनों का संचालन रानी कमलापति स्टेशन से किया जाता है तो भोपाल स्टेशन पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को भी राहत मिलेगी। यात्रियों ने इसे रेलवे और सरकार का बेहतर निर्णय बताया है
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पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था उद्घाटन
भोपाल के विश्व स्तरीय रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2021 को किया था। इसमें वर्ल्ड क्लास फैसेलिटीज है। इसका उद्देश्य भी था कि भोपाल रेलवे स्टेशन को डीकन्जेस्ट किया जाए। भोपाल रेल मंडल सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के मुताबिक, रेलवे रानी कमलापति स्टेशन सुविधाओं से लैस होने के बावजूद इस स्टेशन पर कई ट्रेनों का ठहराव सीमित है। इसकी बड़ी वजह ट्रेनों में पानी भरने यानी वॉटरिंग की व्यवस्था नहीं होना है। अब रेलवे ने इस कमी को दूर करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

अतिरिक्त ट्रेनों का ठहराव मिलने से मिलेगी राहत
मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद योजना पर काम किया जा रहा है। इसके बाद भोपाल स्टेशन पर पानी भरने के लिए रुकने वाली कुछ ट्रेनों को रानी कमलापति स्टेशन पर भी ठहराव दिया जा सकेगा। इससे भोपाल स्टेशन पर भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी। रेलवे की योजना दोनों स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव बांटने की है, ताकि यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए अधिक विकल्प मिल सकें।
प्रदेश में सबसे बड़े धार्मिक आयोजन आगामी सिंहस्थ को देखते हुए भी यह व्यवस्था जरूरी है। बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भोपाल में यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में रानी कमलापति स्टेशन पर अतिरिक्त ट्रेनों का ठहराव मिलने से यात्रियों को राहत मिलेगी और दोनों स्टेशनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। फिलहाल अभी भोपाल स्टेशन पर रोजाना करीब 70-80 हजार यात्री रोज सफर करते हैं।
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कुछ ट्रेनों को रानी कमलापति स्टेशन से शुरू करने पर विचार
भोपाल रेलवे स्टेशन पर बढ़ती भीड़ और ट्रेनों के संचालन में आ रही चुनौतियों के बीच रेलवे अब व्यवस्था में बदलाव की संभावनाएं तलाश रहा है। प्रस्ताव के तहत कुछ ट्रेनों को रानी कमलापति स्टेशन से शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस योजना पर अंतिम फैसला होने के बाद ही साफ होगा कि कौन-सी ट्रेन किस स्टेशन से चलेगी। ऐसे में यात्रियों की नजर रेलवे के अगले कदम पर टिकी है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ट्रेनों को रानी कमलापति स्टेशन से शुरू करने की व्यवस्था भोपाल स्टेशन का दबाव कम कर पाएगी और क्या यात्रियों को इससे राहत मिलेगी या उनकी मुश्किलें बढ़ेंगी। इन सवालों के जवाब रेलवे के आधिकारिक फैसले के बाद ही साफ होंगे। हालांकि किन ट्रेनों को शिफ्ट किया जाएगा और यह व्यवस्था कब से लागू होगी, इस पर रेलवे की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

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