अमृतसर. चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं, जिनमें बर्नाला, डेरा बाबा नानक, गिदड़बाहा और चब्बेवाल शामिल हैं। लेकिन जब से अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल को तंखाहिया घोषित किया गया है, तब से वह पार्टी की गतिविधियों से दूर रहे हैं।
अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा है कि तंखाहिया तब तक तंखाहिया रहता है जब तक उसकी सजा पूरी नहीं हो जाती। उनकी सजा पर फैसला दिवाली के बाद लिया जाएगा।
अकाली दल की मांग :
इससे पहले मंगलवार शाम को शिरोमणि अकाली दल के एक प्रतिनिधिमंडल ने अकाल तख्त के साथ मुलाकात की और मांग की कि सुखबीर बादल की सजा पर जल्द से जल्द फैसला लिया जाए, क्योंकि अब चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं। इन सीटों में बर्नाला, डेरा बाबा नानक, गिदड़बाहा और चब्बेवाल शामिल हैं। लेकिन जब से सुखबीर बादल को तंखाहिया घोषित किया गया है, तब से वह पार्टी की गतिविधियों से दूर रहे हैं। अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने में बस एक दिन बचा है। ऐसे में पार्टी चुनाव कैसे लड़ेगी, इस पर पूरी रणनीति तैयार की जा रही है। फैसला सभी की सहमति से लिया जाएगा। हालांकि, चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर दो धड़े हैं। एक धड़ा चुनाव लड़ना चाहता है, जबकि दूसरा इसके पक्ष में नहीं है।

मंगलवार को कोर कमेटी की बैठक के बाद, जब मीडिया ने वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछा कि क्या अकाली दल उपचुनाव लड़ रहा है या नहीं, तो मजीठिया ने कहा था कि अफवाहों पर विश्वास न करें। पार्टी का संसदीय बोर्ड जल्द ही स्थिति स्पष्ट करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल सुधार लहर के तहत भाजपा से समझौते के आधार पर उपचुनाव लड़ रहा है।
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