Bihar news: देवघर स्थित पावन बाबा बैद्यनाथ धाम में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान देश भर से आने वाले कांवरियों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में पूर्व मध्य रेलवे ने एक बहुत बड़ी घोषणा करते हुए श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेनों के संचालन का ऐलान किया है। पूर्व मध्य रेल की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि मेला अवधि के दौरान कुल 12 जोड़ी यानी 24 स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।
श्रावणी मेला के पावन अवसर पर देवघर आने वाले शिवभक्तों को ट्रेन में होने वाली भयंकर भीड़ और सीट की मारामारी से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे न केवल यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में आसानी होगी, बल्कि उनकी पूरी यात्रा भी काफी आरामदायक और सुगम बन सकेगी।
रक्सौल-देवघर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन का शेड्यूल
पूर्व मध्य रेलवे द्वारा घोषित की गई इन विशेष ट्रेनों में प्रमुख रूप से रक्सौल-देवघर श्रावणी मेला स्पेशल (05545/05546) ट्रेन शामिल है। इस ट्रेन के रूट और समय-सारणी का पूरा विवरण इस प्रकार है:
- परिचालन के दिन: यह विशेष ट्रेन सप्ताह में तीन दिन (रविवार, मंगलवार और शुक्रवार) चलाई जाएगी।
- निर्धारित रूट: यह ट्रेन रक्सौल से खुलकर सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बरौनी, किउल और भागलपुर के प्रमुख स्टेशनों से गुजरते हुए देवघर पहुंचेगी। इस रूट के आने-जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
- आने-जाने का समय: रक्सौल से यह ट्रेन 31 जुलाई से 30 अगस्त तक रात्रि 12:30 बजे प्रस्थान करेगी और उसी दिन शाम 05:05 बजे देवघर पहुंचेगी। वापसी की दिशा में, देवघर से यह ट्रेन शाम 06:05 बजे खुलकर अगले दिन पूर्वाह्न 11:40 बजे रक्सौल वापस पहुंचेगी।
अन्य प्रमुख रूटों पर भी चलेंगी स्पेशल ट्रेनें
रक्सौल-देवघर स्पेशल ट्रेन के अलावा, बिहार और झारखंड के अन्य महत्वपूर्ण रेल मंडलों तथा बड़े स्टेशनों से भी विभिन्न रूट्स पर श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेल प्रशासन की ओर से बहुत जल्द इन सभी 12 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का विस्तृत टाइम-टेबल, ठहराव और कोच कंपोजिशन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी ताकि भक्तगण अपनी यात्रा की योजना समय पर बना सकें।
मेला अवधि की भीड़ से मिलेगी राहत
श्रावणी मेले के दौरान हर साल लाखों की संख्या में कांवरिया सुल्तानगंज से उत्तर वाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर पैदल या वाहनों के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। इस दौरान ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती है और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पूर्व मध्य रेलवे का यह सराहनीय फैसला शिवभक्तों की इन सभी कठिनाइयों को दूर करने में बेहद मददगार साबित होगा। रेलवे के इस विशेष प्रबंध से इस बार का श्रावणी सफर पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक और आनंददायक हो जाएगा।


