विजय कुमार, जमुई। बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा है कि राज्य में व्यापारियों और उद्यमियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आर्म्स लाइसेंस उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी और उद्योगपति अपनी आवश्यकता के अनुसार जिला पदाधिकारी को आवेदन दे सकते हैं। इसकी शुरुआत जमुई से की गई है और सभी जिलाधिकारियों को प्रत्येक माह उद्योग वार्ता आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।

जिला उद्योग केंद्र के सभागार में चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों और स्थानीय उद्यमियों के साथ आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में मंत्री ने यह बात कही। बैठक में जिला पदाधिकारी नवीन, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल, उद्योग विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

निवेश और रोजगार सृजन करने पर जोर

बैठक के दौरान जिले में उद्योग और व्यापार के विकास, निवेश को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन तथा उद्यमियों के समक्ष आने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उद्यमियों ने औद्योगिक सुविधाओं के विस्तार, आधारभूत संरचना के विकास और प्रशासनिक सहयोग से जुड़े मुद्दे अधिकारियों के समक्ष रखे।

इस मौके पर मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि, राज्य सरकार उद्योग जगत के साथ लगातार संवाद स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक वर्तमान उद्योगपतियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक नए निवेशकों को आकर्षित करना आसान नहीं होगा। इसी उद्देश्य से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि उद्यमियों की समस्याओं को सीधे सुना और उनका समाधान किया जा सके।

उद्यमियों को आमंत्रित कर रही है सरकार

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं निवेशकों और उद्यमियों से संवाद कर उन्हें बिहार में निवेश के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। राज्य में उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और आधारभूत संरचनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की कई योजनाओं की जानकारी अभी भी अनेक उद्योगपतियों तक नहीं पहुंच पाई है, इसलिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है।

20 नवंबर तक 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

मंत्री ने बताया कि बिहार सरकार ने 20 नवंबर 2026 तक 5 लाख करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है और इस दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जमुई जिले में विभिन्न कंपनियों द्वारा लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव भी दिया गया है। साथ ही उन्होंने मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि फायर सेफ्टी नियमों का पालन हर संस्थान में अनिवार्य होना चाहिए और सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।

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