Business Desk – Silver 100 Futures Contract Launch : अगर आप चांदी में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन बड़े कॉन्ट्रैक्ट की वजह से ऐसा नहीं कर पा रहे थे, तो अब आपके लिए रास्ता आसान हो गया है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) ने नया ‘सिल्वर 100’ फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च किया है. इसके जरिए अब सिर्फ 100 ग्राम चांदी के बराबर निवेश किया जा सकेगा. इससे छोटे निवेशकों और ज्वैलर्स की बाजार में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है.

MCX के सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट पोर्टफोलियो में नया विकल्प
MCX के पास पहले से 30 किलोग्राम, 5 किलोग्राम और 1 किलोग्राम के सिल्वर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट हैं. 30 और 5 किलोग्राम कैटेगरी में ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट भी उपलब्ध हैं. अब 100 ग्राम का नया कॉन्ट्रैक्ट जुड़ने से निवेशकों को अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से ज्यादा विकल्प मिलेंगे.
MCXCCL करेगा क्लियरिंग और सेटलमेंट
नए कॉन्ट्रैक्ट की क्लियरिंग और सेटलमेंट की जिम्मेदारी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज क्लियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (MCXCCL) संभालेगा. ट्रेडिंग से जुड़ी सभी सेटलमेंट प्रक्रियाएं इसकी निगरानी में पूरी होंगी.
छोटे निवेशकों और ज्वैलर्स को मिलेगा फायदा
MCX का मानना है कि नए कॉन्ट्रैक्ट से छोटे निवेशकों और ज्वैलर्स की भागीदारी बढ़ेगी. कम पूंजी में निवेश की सुविधा मिलने से ऐसे लोग भी बाजार से जुड़ सकेंगे, जो अब तक बड़े कॉन्ट्रैक्ट के कारण दूर थे.
छोटे कारोबारियों की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया कॉन्ट्रैक्ट
MCX की MD और CEO प्रवीणा राय ने कहा कि ‘सिल्वर 100’ फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट चांदी कारोबार से जुड़े लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा. चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए कारोबारी इसका इस्तेमाल हेजिंग में कर सकेंगे.
उन्होंने कहा कि स्थानीय ज्वैलर्स और छोटे कारोबारी अब अपनी जरूरत के मुताबिक कम मात्रा में हेजिंग कर सकेंगे या चांदी की डिलीवरी ले सकेंगे. पहले बड़े कॉन्ट्रैक्ट साइज की वजह से कई छोटे कारोबारियों के लिए फ्यूचर्स मार्केट में भाग लेना मुश्किल था.
SMEs और रिटेल निवेशकों पर कम होगा पूंजी का दबाव
इस कॉन्ट्रैक्ट में निवेश या हेजिंग के लिए पहले की तुलना में कम पूंजी की जरूरत होगी. इसी वजह से इसे खासतौर पर SMEs और रिटेल निवेशकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
फिजिकल डिलीवरी की भी सुविधा
MCX के मुताबिक, कॉन्ट्रैक्ट की अवधि पूरी होने पर निवेशकों और कारोबारियों को क्वालिटी-अश्योर्ड फिजिकल डिलीवरी मिलेगी. साथ ही मेकिंग चार्ज भी पारदर्शी तरीके से तय किए जाएंगे. इससे बाजार में भरोसा बढ़ेगा और लेन-देन ज्यादा व्यवस्थित होगा.
बाजार की मांग पर लॉन्च किया गया नया कॉन्ट्रैक्ट
MCX ने बताया कि यह कॉन्ट्रैक्ट बाजार और इंडस्ट्री से मिले फीडबैक के आधार पर तैयार किया गया है. छोटे निवेशक और कारोबारी लंबे समय से ऐसे छोटे साइज के कॉन्ट्रैक्ट की मांग कर रहे थे.
चांदी के आयात पर निर्भरता कम करने की तैयारी
MCX ने चांदी से जुड़े ‘गुड डिलीवरी’ मानकों में बदलाव को लेकर एक सर्कुलर जारी किया है. इसके तहत घरेलू रिफाइनर्स को एक्सचेंज के पैनल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है.
एक्सचेंज का मानना है कि इससे देश में चांदी की रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय सप्लाई चेन मजबूत होगी. लंबे समय में चांदी के आयात पर निर्भरता कम करने और इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद मिलेगी.

