सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से प्रशासनिक संवेदनहीनता और दावों की पोल खोलती एक खौफनाक तस्वीर सामने आई है। चितरंगी जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत पराई के सुखारा टोला में लगभग 100 स्कूली बच्चे उफनती नदी के तेज बहाव के बीच से गुजरकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा इलाका राज्यमंत्री के गृह ग्राम क्षेत्र में आता है, फिर भी मासूमों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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तेज बहाव में बहने का खतरा; ग्रामीणों ने उठाई पुल निर्माण की मांग
सुखारा टोला से पराई स्थित स्कूल तक जाने के लिए बच्चों के पास सिर्फ यही एक मार्ग है। बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे रोज छोटे-छोटे बच्चे अपनी जान हथेली पर रखकर उफनती नदी पार करते हैं।
यही रास्ता ग्रामीणों के आवागमन का भी मुख्य जरिया है। नदी उफान पर होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर रोजमर्रा के सभी काम पूरी तरह ठप्प हो जाते हैं।
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हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन
ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 100 बच्चे रोज इस जोखिम भरे रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक न तो कोई वैकल्पिक व्यवस्था की और न ही सुरक्षा के इंतजाम किए।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा के वैकल्पिक उपाय किए जाएं और नदी पर स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए।
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