हेमंत शर्मा, उज्जैन। महाकाल मंदिर परिसर में बने ब्रिज की मजबूती जांचने के लिए किए गए लोड टेस्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में करीब 300 सुरक्षाकर्मी ब्रिज पर एक साथ कूदते नजर आ रहे हैं। यह लोड टेस्ट ब्रिज की क्षमता और मजबूती की जांच के उद्देश्य से कराया गया था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर टेस्टिंग के तरीके को लेकर कई सवाल उठे।
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अब इस वायरल वीडियो पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने सोशल मीडिया पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा- “ये तो गजब के… दिमागी हैं”। ओवैसी के कमेंट के बाद महाकाल ब्रिज का यह लोड टेस्ट एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से विस्तृत स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। वीडियो और ओवैसी के बयान ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा पैदा कर दी है।

हर साल होता है ‘जम्प टेस्ट’
जानकारी के मुताबिक नागपंचमी पर नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर दूसरे फ्लोर पर है। वहां तक जाने के लिए महाकाल मंदिर परिसर में करीब 91 फीट लंबा फुट ओवरब्रिज बना है। त्योहार की भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर समिति ने ब्रिज की मजबूती चेक की। हालंकि इस पर लोगों ने सवाल भी उठाए हैं कि दर्शनार्थियों के दबाव से ब्रिज गिरने से पहले समिति ने सैकड़ों लोगों की जान दांव पर लगा दी। बताया जाता है कि यह टेस्ट हर साल होता है और हर बार सुरक्षा गार्ड ही टेस्टिंग मशीन की तरह यूज होते हैं।
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