सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। मध्य प्रदेश सरकार जहां एक तरफ गांव-गांव में विकास की गंगा बहाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं सिंगरौली जिले के चितरंगी से आई यह तस्वीर जमीनी हकीकत की पोल खोल रही है। राज्यमंत्री राधा सिंह के गृह ब्लॉक चितरंगी की ग्राम पंचायत रमडीहा स्थित नरेना बस्ती में सड़क नहीं बल्कि कीचड़ का खतरनाक दलदल बन चुका है। करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं के दावों के बीच नरेना बस्ती के ग्रामीण आज भी बुनियादी सड़क के लिए तरस रहे हैं और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।

ये भी पढ़ें: सावन में सूखा, खेतों में आने लगी दरारें! बारिश न होने से किसान परेशान, बिजली कटौती ने बढ़ाई आफत

लाइफलाइन बना रास्ता अब परेशानी की पहचान

बारिश की शुरुआत होते ही नरेना बस्ती का मुख्य पहुंच मार्ग पूरी तरह दलदल में तब्दील हो जाता है। यही रास्ता ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी की लाइफलाइन है लेकिन अब यह मुसीबत का सबब बन चुका है।

रास्ते पर कीचड़ और फिसलन इतनी ज्यादा है कि पैदल चलना भी किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है। स्कूल जाते समय बच्चों के कपड़े और जूते कीचड़ में सन रहे हैं। यही नहीं बुजुर्ग फिसलकर गिरने के डर से घरों में कैद रहने को मजबूर हैं तो वहीं बीमारों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।

राज्यमंत्री राधा सिंह के गृह क्षेत्र का हाल, उठ रहे गंभीर सवाल

सबसे बड़ा और तीखा सवाल यह उठ रहा है कि यह इलाका मध्य प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री राधा सिंह का अपना गृह क्षेत्र है। जब मंत्री के खुद के क्षेत्र में ही बुनियादी सड़क का यह आलम है तो फिर प्रशासनिक दावों पर सवाल उठना लाजमी है।

ये भी पढ़ें: शराब के नशे में बरसाए लाठी-डंडे, बुजुर्ग के सिर पर आई गंभीर चोट, पूरे परिवार को मिली धमकी

शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ सुधार

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार स्थानीय पंचायत और जिला प्रशासन के अधिकारियों से सड़क निर्माण व सुधार की गुहार लगाई लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। हर साल बारिश आते ही पूरा गांव इस नारकीय जीवन को जीने को मजबूर हो जाता है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m