श्रवण प्रजापति, सिरसा: प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि राजकुमार शर्मा ने नगर परिषद हाउस की बैठकों को महज औपचारिकता करार देते हुए कहा कि ये बैठकें अब सिर्फ दिखावा बनकर रह गई हैं। हाल ही में हुई बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि न केवल विपक्षी पार्षदों की, बल्कि सत्ताधारी दल के पार्षदों की भी सुनवाई नहीं होती।
शर्मा ने कहा कि नगर परिषद के प्रधान और अधिकारी मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं, जिससे पार्षद खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और जो भी पार्षद इसके खिलाफ आवाज उठाता है, उसकी आवाज दबा दी जाती है या उसे विभिन्न तरीकों से परेशान किया जाता है। इतना ही नहीं, ऐसे पार्षदों के वार्ड में विकास कार्य भी रोक दिए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि नगर परिषद हाउस की बैठकें शहर के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय के लिए होती हैं, लेकिन हकीकत में जनप्रतिनिधियों की समस्याओं और सुझावों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। शर्मा ने यह भी कहा कि सत्ताधारी दल के पार्षदों को भी उचित महत्व नहीं दिया जा रहा।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर परिषद के कुछ अधिकारी और ठेकेदार मिलकर जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विकास कार्यों के लिए जारी करोड़ों रुपये में से केवल 10 प्रतिशत ही खर्च हो पाता है, जबकि बाकी 90 प्रतिशत राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है।
अंत में शर्मा ने सरकार से मांग की कि ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए नगर परिषद में हो रहे भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
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