सीतामढ़ी। पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुआ कुख्यात अपराधी फेकन सदर अस्पताल के कैदी वार्ड से फरार हो गया है। आरोपी बाथरूम का वेंटिलेटर तोड़कर पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। इस बड़ी लापरवाही के बाद जिला पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है और एसपी अमित रंजन ने सुरक्षा में तैनात पांच पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एनकाउंटर के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती
करीब 25 दिन पहले यानी 3 जुलाई को सीतामढ़ी पुलिस ने एक एनकाउंटर के दौरान इस कुख्यात अपराधी के पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ के बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से स्वस्थ होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
हाल ही में 23 जुलाई को उसने अपने पैर में तेज दर्द की शिकायत की। इसके बाद जेल प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए उसे 24 जुलाई को दोबारा सीतामढ़ी सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में एडमिट कराया। अस्पताल का यह कैदी वार्ड ग्राउंड फ्लोर पर स्थित था और इसका मुख्य दरवाजा हमेशा बंद रहता था। सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के बावजूद फेकन ने शातिर तरीके से बाथरूम के वेंटिलेटर को तोड़ा और अस्पताल के पिछले रास्ते से फरार हो गया।
क्या था 3 जुलाई का पूरा एनकाउंटर मामला?
यह पूरा घटनाक्रम 1 जुलाई को रीगा थाना क्षेत्र में हुई एक बड़ी लूट की वारदात से जुड़ा है। रीगा क्षेत्र में एक सीएसपी (ग्राहक सेवा केंद्र) संचालक से डेढ़ लाख रुपए की लूट की गई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रीगा थाने में एफआईआर दर्ज की गई और एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।
पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज और सीक्रेट इनपुट के आधार पर रीगा थाना इलाके में घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस ने गिरोह के पांच बदमाशों को घेर लिया। खुद को घिरता देख एक बदमाश ने मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
एसपी अमित रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने अपनी जान की रक्षा और जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई, जो सीधे कुख्यात फेकन के पैर में जाकर लगी। गोली लगने के बाद वह जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
दिनदहाड़े सीएसपी संचालक से की गई थी लूट
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इसी अपराधी और उसके गिरोह ने रीगा थाना क्षेत्र के अनहाड़ी स्थित सेंट्रल बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) को निशाना बनाया था। दिनदहाड़े अपाचे बाइक पर सवार होकर तीन बदमाश सीएसपी केंद्र पर पहुंचे थे।
बदमाशों ने दुकान के अंदर घुसते ही सबसे पहले शटर गिरा दिया ताकि बाहर किसी को भनक न लगे। इसके बाद उन्होंने पिस्टल के बल पर सीएसपी संचालक राजेश्वर ठाकुर को बंधक बनाकर धमकाया और गल्ले तथा उनकी जेब में रखे कुल 1.70 लाख रुपए लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिनकी तलाश पुलिस लगातार कर रही थी। अब इस मुख्य आरोपी के अस्पताल से फरार होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है और उसकी दोबारा धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।


