भागलपुर। जिले स्थित कहलगांव सुपर थर्मल पावर स्टेशन (NTPC) में एक बड़ा हादसा टल गया। यहां फर्स्ट फेज की 210 मेगावाट क्षमता वाली दूसरी इकाई (यूनिट-2) के बॉयलर क्षेत्र में अचानक आग लग गई। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में किसी भी कर्मचारी के हताहत या घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
घटना मंगलवार सुबह करीब 10:20 बजे की है, जब यूनिट-2 के बॉयलर एरिया में लगभग 12 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ऑयल गन नंबर-6 के पास तेल का रिसाव हो गया। इस रिसाव के कारण बॉयलर का इंसुलेशन अत्यधिक गर्म हो गया, जिससे अचानक आग भड़क उठी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्लांट में तुरंत आपातकालीन व्यवस्था सक्रिय कर दी गई।
सीआईएसएफ और तकनीकी टीम की तत्परता
सूचना मिलते ही सीआईएसएफ (CISF) फायर विंग के कमांडेंट भारती नंदन के निर्देश और सहायक कमांडेंट (फायर) मनीष कुमार के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। दमकल कर्मियों और एनटीपीसी के तकनीकी कर्मचारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए संयुक्त रूप से लगभग 30 मिनट यानी सुबह 10:50 बजे तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। समय रहते की गई इस त्वरित कार्रवाई के कारण आग को संयंत्र के अन्य हिस्सों में फैलने से सफलतापूर्वक रोक लिया गया।
बिजली उत्पादन और सुरक्षा प्रबंधन
सुरक्षा मानकों को सर्वोपरि रखते हुए प्रभावित यूनिट-2 को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण की तीसरी 210 मेगावाट इकाई पहले से ही कैपिटल ओवरहॉलिंग के कारण लगभग 45 दिनों से बंद चल रही है। इसके बावजूद, संयंत्र की अन्य चालू इकाइयों से विद्युत उत्पादन सामान्य रूप से जारी रखा गया।
तकनीकी अधिकारियों के अनुसार, इस यूनिट के बंद होने से लगभग 210 मेगावाट का बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है। हालांकि, ग्रिड में उपलब्ध अन्य उत्पादन स्रोतों के माध्यम से स्थिति को संतुलित रखा गया, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति में किसी बड़ी बाधा का सामना नहीं करना पड़ा।
प्रबंधन का रुख और उच्चस्तरीय जांच के आदेश
एनटीपीसी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि आग पूरी तरह से एक तकनीकी कारण से लगी थी, जिस पर तुरंत काबू पा लिया गया। प्रभावित हिस्से का बारीकी से निरीक्षण करने और आवश्यक मरम्मत व सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद यूनिट को पुनः सुचारू रूप से चालू कर दिया जाएगा।
भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक तकनीकी टीम को आग लगने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच करने के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में ऑयल लीकेज और अत्यधिक गर्म इंसुलेशन को ही मुख्य कारण माना जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।


