​सीवान। जिले के दरौली थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां साधु के वेश में भिक्षा मांग रहे एक युवक की पोल खुलने के बाद स्थानीय लोगों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जमकर पिटाई की। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी रबिउद्दीन मियां के रूप में हुई है जो खुद को रवि बताकर लंबे समय से इलाके में सक्रिय था।

​क्या है पूरा मामला?

​आरोपी पिछले कई वर्षों से गांव-गांव घूमकर पूजा-पाठ करने और भिक्षा मांगने का काम कर रहा था। वह केवल भिक्षा ही नहीं बल्कि लोगों से जबरन मोटी रकम की मांग भी करता था। संदिग्ध गतिविधियों के कारण ग्रामीणों ने उस पर नजर रखनी शुरू की। हाल ही में जब वह एक घर में पूजा के नाम पर 501 रुपये की मांग कर रहा था तो उसकी भाषा और तौर-तरीकों को देखकर ग्रामीणों को उस पर शक हुआ। पूछताछ करने पर उसने अपना असली नाम रबिउद्दीन मियां बताया।

​भीड़ का आक्रोश और अमानवीय व्यवहार

​अपनी असल पहचान सामने आते ही वहां मौजूद भीड़ आक्रोशित हो गई। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर युवक के भगवा वस्त्र उतरवा दिए और उसे लात-घूंसों से पीटा। इतना ही नहीं उसे कान पकड़कर उठक-बैठक करवाई गई और अपमानित करते हुए थूक चटवाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

​फर्जी पहचान और संगठित गिरोह का शक

​पूछताछ में पता चला है कि आरोपी ने अपनी पहचान छुपाने के लिए फर्जी नाम से आधार कार्ड बनवा रखा था। पुलिस का मानना है कि उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में इस तरह का एक संगठित गिरोह सक्रिय है जो हिंदू धर्म के प्रतीकों का सहारा लेकर गांव-गांव घूमता है और भिक्षा के नाम पर उगाही करता है। कई बार इन समूहों पर चोरी की घटनाओं में संलिप्त होने के भी आरोप लगते रहे हैं।

​पुलिस की कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही दरौली पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर सुरक्षित थाने ले गई। एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके पास से भगवा वस्त्र और एक सारंगी बरामद हुई है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और उसके पास से मिले आधार कार्ड की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने यह दस्तावेज कैसे प्राप्त किया। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए जांच को आगे बढ़ा रही है।