सीवान। जिले के महादेवा थाना क्षेत्र से महज 500 मीटर की दूरी पर दिनदहाड़े दो लड़कियों का अपहरण कर लिया गया। स्कॉर्पियो सवार दो युवकों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने चलती गाड़ी में एक युवती के साथ रेप किया और दोनों को बेहोशी की हालत में सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। इस वीभत्स घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीएम हाई स्कूल के पास से किया गया था अपहरण
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना सीवान के महादेवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वीएम हाई स्कूल के मैदान के पास हुई। पीड़िता अपनी चचेरी बहन के साथ किसी काम से स्कूल के पास गई हुई थी। इसी दौरान वहां एक स्कॉर्पियो आकर रुकी, जिसमें दो युवक सवार थे। दोनों ने जबरन दोनों लड़कियों को अपनी गाड़ी में खींच लिया और अपहरण कर लिया। गाड़ी में बैठते ही दरिंदों ने दोनों के साथ जोर-जबरदस्ती और मारपीट शुरू कर दी। रास्ता चलते हुए ही उनमें से एक युवती के साथ बलात्कार किया गया। जुल्म और प्रताड़ना सहते-सहते पीड़िता बेहोश हो गई, जिसके बाद उसे आगे की कोई बात याद नहीं रही। कुछ समय बाद जब छोटी बहन को होश आया, तो दोनों पीड़ित लड़कियां सड़क किनारे बेसुध हालत में पड़ी हुई थीं।
डायल-112 पर दी गई सूचना, सदर अस्पताल में भर्ती
घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर डायल-112 पर पुलिस को फोन कर पूरी वारदात की जानकारी दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर दोनों पीड़ित लड़कियों को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद उन्हें फौरन इलाज के लिए सीवान सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस घटना की सूचना तुरंत उनके परिजनों को भी दी, जिसके बाद परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंच गए।
ब्लीडिंग रोकने के लिए डॉक्टर को लगाने पड़े टांके
अस्पताल में पीड़िताओं का इलाज कर रही ऑन ड्यूटी महिला डॉक्टर ने मेडिकल जांच के बाद बताया कि युवती के साथ जबरन दुष्कर्म किया गया है, जिसके चलते उसके अंदरूनी अंगों (इंटरनल पार्ट्स) को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा है। अत्यधिक ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होने के कारण उसे रोकना बेहद जरूरी था, जिसके लिए पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में टांके लगाने पड़े। इसके अलावा, शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट और खरोंच के कई निशान मिले हैं, जो यह साफ दर्शाते हैं कि पीड़िता ने अपनी आत्मकथा और सम्मान बचाने के लिए आरोपियों का कड़ा विरोध किया था। गनीमत यह रही कि समय पर इलाज मिलने से फिलहाल युवती की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है, लेकिन इस भयंकर शारीरिक और मानसिक आघात के कारण उसे लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
पुलिस प्रशासन और एसपी की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए सीवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पूरन कुमार झा खुद फौरन सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने दोनों पीड़ित युवतियों से अकेले में बातचीत कर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली। मीडिया से बात करते हुए एसपी ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया और कहा कि पुलिस इस पर पूरी सख्ती से काम कर रही है।
पुलिस ने पीड़ित लड़की का बयान दर्ज कर लिया है और इसके आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शुरुआती पूछताछ में पीड़िताओं ने पुलिस को बताया है कि वे दोनों आरोपियों को पहले से बिल्कुल नहीं जानती थीं, इसलिए उनके नाम और पहचान के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पुलिस अब घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि स्कॉर्पियो और आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कड़ा दावा है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी सर्विलांस की मदद से जल्द ही सभी आरोपियों को दबोच लिया जाएगा और इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।


