Business Desk – Small Savings Interest Rates July 2026 : अगर आप PPF, Sukanya Samriddhi Yojana (SSY), पोस्ट ऑफिस FD, NSC, KVP या Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) जैसी छोटी बचत योजनाओं में निवेश करते हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है. केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए सभी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. यानी निवेशकों को पहले की तरह ही रिटर्न मिलता रहेगा.

यह लगातार 10वीं तिमाही है, जब सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को यथावत रखा है. सरकार ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में इन योजनाओं की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी. उसके बाद से अब तक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
PPF और सुकन्या समृद्धि योजना पर कितना मिलेगा ब्याज?
सरकार के ताजा फैसले के मुताबिक पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर 7.1% सालाना ब्याज मिलता रहेगा. वहीं सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर निवेशकों को 8.2% की ब्याज दर मिलती रहेगी, जो छोटी बचत योजनाओं में सबसे अधिक ब्याज देने वाली प्रमुख स्कीम्स में शामिल है. इसके अलावा सरकार की अन्य स्मॉल सेविंग्स योजनाओं पर भी पहले की तरह 4% से 8.2% के बीच ब्याज दरें लागू रहेंगी.
सरकार ब्याज दरें कैसे तय करती है?
छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा हर तीन महीने (तिमाही) में की जाती है. सरकार ब्याज दर तय करते समय सिर्फ बाजार की स्थिति ही नहीं, बल्कि महंगाई (Inflation), देश में नकदी (Liquidity) की स्थिति और सरकारी बॉन्ड की यील्ड जैसे कई आर्थिक संकेतकों पर भी नजर रखती है. हालांकि इस बार समीक्षा के बाद भी सरकार ने ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव जरूरी नहीं समझा.
श्यामला गोपीनाथ समिति के फॉर्मूले से तय होती हैं ब्याज दरें
स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें तय करने के लिए श्यामला गोपीनाथ समिति ने एक फॉर्मूला सुझाया था. समिति के मुताबिक इन योजनाओं की ब्याज दरें समान अवधि वाले सरकारी बॉन्ड (Government Securities) की यील्ड से 0.25% से 1% अधिक होनी चाहिए. इसी फॉर्मूले को आधार बनाकर सरकार हर तिमाही ब्याज दरों की समीक्षा करती है और जरूरत पड़ने पर बदलाव करती है.
देश के करोड़ों परिवारों की बचत का बड़ा जरिया हैं ये योजनाएं
स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स भारत में घरेलू बचत (Household Savings) का सबसे बड़ा और भरोसेमंद माध्यम मानी जाती हैं. इनमें निवेश करने वाले लोगों को तय ब्याज दर के अनुसार सुरक्षित रिटर्न मिलता है. यही वजह है कि नौकरीपेशा, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और लंबी अवधि के निवेशक इन योजनाओं को प्राथमिकता देते हैं. इन सभी योजनाओं में जमा होने वाला पैसा नेशनल स्मॉल सेविंग्स फंड (NSSF) में जमा किया जाता है, जिसका उपयोग सरकार विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के वित्तपोषण में करती है.
स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स तीन कैटेगरी में बंटी
- पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट स्कीम्स
पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट
रिकरिंग डिपॉजिट (RD)
टाइम डिपॉजिट (FD)
मंथली इनकम स्कीम (MIS) - सेविंग सर्टिफिकेट
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)
किसान विकास पत्र (KVP) - सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होने से मौजूदा निवेशकों को पहले की तरह ही रिटर्न मिलता रहेगा. जो लोग सुरक्षित निवेश और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए PPF, Sukanya Samriddhi, SCSS, NSC और पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं पहले की तरह आकर्षक विकल्प बनी रहेंगी. हालांकि, जो निवेशक ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें इस तिमाही भी इंतजार करना होगा.

