हेमंत शर्मा, इंदौर। हनीमून मर्डर केस की कातिल पत्नी सोनम रघुवंशी को लेकर शिलांग कोर्ट ने जो फैसला सुनाया, उसने हर किसी को हिला कर रख दिया। राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य सूत्रधार सोनम को जमानत मिल गई है। लेकिन न्यायालय ने उस पर कुछ ऐसी पाबंदी लगा रखी हैं जिसकी वजह से वह शिलांग छोड़कर इंदौर या दूसरी किसी जगह नहीं जा सकती है। 

जमानत की इन शर्तों पर मिली बेल

शिलांग कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को जिन शर्तों के आधार पर जमानत दी है उनमें शहर छोड़कर बाहर न जाना शामिल है। कोर्ट ने कहा है कि आरोपी फरार नहीं होगी। सबूत या गवाहों से छेड़छाड़ नहीं करेगी। साथ ही उसे हर तय की गई तारीख पर कोर्ट में उपस्थित होना होगा। कोर्ट की अनुमति के बिना क्षेत्राधिकार से बाहर नहीं जाएगी। इसी के साथ 50 हजार का निजी मुचलका और 2 जमानतदार देने होंगे। 

पुलिस की लापरवाही से सोनम की हुई रिहाई!

पुलिस की कई खामियों की वजह से सोनम को रिहाई मिलने में आसानी हुई है। दरअसल, गिरफ्तारी के कारण (Grounds of Arrest) स्पष्ट रूप से नहीं बताए गए। कोर्ट ने पाया कि आरोपी को गिरफ्तारी के समय जिन धाराओं और तथ्यों के आधार पर पकड़ा गया, उनकी सही और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। दस्तावेज़ों में भी यह साफ नहीं था कि किन धाराओं में गिरफ्तारी हुई है, जिससे आरोपी को अपने बचाव का पूरा मौका नहीं मिला।

संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन (Article 22(1))

गिरफ्तारी के कारण न बताना संविधान के अनुच्छेद 22(1) का उल्लंघन माना गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुसार यह आरोपी का मौलिक अधिकार है कि उसे तुरंत गिरफ्तारी का कारण बताया जाए।

बचाव में नुकसान (Prejudice) हुआ

कोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी के सही आधार न बताने से आरोपी को अपने बचाव की तैयारी करने में नुकसान हुआ।

दस्तावेज़ों में गंभीर त्रुटियां (Clerical/Procedural Errors)

केस से जुड़े सभी दस्तावेज़ों में अलग-अलग धाराएं लिखी गई थीं और सही जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे मामला संदिग्ध हो गया।

गिरफ्तारी की प्रक्रिया सही तरीके से पालन नहीं हुई

कोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी के समय कानून के जरूरी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया, जिससे गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल खड़ा हुआ।

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला

कोर्ट ने यह भी माना कि अगर गिरफ्तारी के समय संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो ऐसे मामलों में जमानत दी जा सकती है, भले ही मामला गंभीर क्यों न हो।

सोनम बिना कोर्ट की अनुमति के क्षेत्रीय अधिकार से बाहर नहीं जा सकती। उसे इंदौर आने के लिए न्यायालय से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद ही सोनम शिलांग के अलावा दूसरे राज्य में जा सकती है। अगर वह बिना कोर्ट की अनुमति के कहीं जाती है तो यह जमानत की शर्ट का उल्लंघन होगा। 

क्या है राजा के परिवार से जुड़ा एकादशी कनेक्शन?

राजा रघुवंशी के परिवार का एकादशी से जुड़े कई कनेक्शन सामने आए हैं। दरअसल, राजा रघुवंशी की जिस दिन हत्या की गई थी, वह एकादशी का दिन था। राजा के परिवार में भाई के घर जिस दिन बच्चे ने जन्म लिया, उस दिन भी एकादशी थी। इतना ही नहीं, सोनम रघुवंशी की रिहाई भी एकादशी (27 अप्रैल) के दिन ही हुई है।

ये है पूरा मामला

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी (30) और सोनम रघुवंशी (25) की 11 मई को इंदौर में शादी हुई थी। शादी के बाद दोनों हनीमून के लिए पहले कश्मीर जाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उन्होंने कामाख्या मंदिर दर्शन के बहाने मेघालय का रुख किया। 20 मई को दोनों इंदौर से बेंगलुरु और फिर असम के गुवाहाटी होते हुए मेघालय पहुंचे। 22 मई को शिलांग के मावलखियाट गांव स्थित शिपारा होम स्टे में रुके और वहीं से स्कूटी किराए पर लेकर घूमने निकले।

2 जून को राजा रघुवंशी की मिली थी लाश

2 जून 2025 को वेई सॉवडॉन्ग झरने के पास एक गहरी खाई से राजा का शव बरामद हुआ, जिससे उनकी हत्या की पुष्टि हुई। उनकी स्कूटी भी पास ही लावारिस हालत में मिली थी। राजा का शव 4 जून को इंदौर लाया गया और इसी दिन अंतिम संस्कार किया गया था।

गाजीपुर से पकड़ाई सोनम

इसके बाद 8 जून रविवार को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में नंदगंज पुलिस स्टेशन के सामने सोनम रघुवंशी ने आत्मसमर्पण कर दिया। सोनम को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने रातभर छापेमारी की। पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों राज कुशवाह (सोनम का बॉयफ्रेंड), विशाल चौहान और आकाश राजपूत को इंदौर से गिरफ्तार किया। इसके साथ ही एक अन्य आरोपी आनंद कुर्मी को सागर जिले के बीना से पकड़ा है।

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