संजीव, सोनीपत। उपायुक्त नेहा सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय ग्रीवेंस कमेटी एवं जिला स्तरीय क्लियरेंस कमेटी की बैठक का आयोजन मेंबर सेक्रेटरी हितेन्द्र कादियान, संयुक्त निदेशक, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा कराया गया। बैठक में जिला के औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न समस्याओं को सुनते हुए उपायुक्त नेहा सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में चार प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ओल्ड औद्योगिक क्षेत्र सोनीपत, नाथुपुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन तथा रामनगर-सनपेडा क्षेत्र से संबंधित मुद्दे शामिल रहे। बैठक में मुख्य रूप से विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं, हैजर्डस वेस्ट के निस्तारण हेतु भूमि उपलब्धता, कचरा प्रबंधन, औद्योगिक आधारभूत संरचना परियोजनाएं, सड़क निर्माण में देरी, जलभराव एवं ड्रेनेज संबंधी समस्याओं सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।

उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मानसून सत्र से पूर्व जलभराव और ड्रेनेज से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में ड्रेनों की मरम्मत तथा सफाई कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने सीटीपी के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
क्लियरेंस कमेटी की बैठक में उद्योगों से संबंधित विभिन्न अनुमतियों एवं स्वीकृतियों की समीक्षा की गई। इनमें सीएलयू, एनओसी, बिल्डिंग प्लान एवं फैक्ट्री प्लान की स्वीकृति, ई-वेस्ट एवं हैजर्डस वेस्ट से संबंधित ऑथराइजेशन, कंसेंट टू एस्टैब्लिश (सीटीई), नई फायर फाइटिंग स्कीमों के तहत स्वीकृति, यूएचबीवीएनएल के अंतर्गत लोड विस्तार एवं नए बिजली कनेक्शन जारी करना, खनन एवं भूविज्ञान विभाग के अंतर्गत मिनरल डीलर लाइसेंस प्रदान करना तथा अन्य संबंधित मामलों पर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त ईंट निर्माण की अनुमति, खनिजों के निस्तारण की अनुमति, मौजूदा टावरों का नियमितीकरण तथा नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योगों से संबंधित सभी स्वीकृतियों, एनओसी, सीएलयू एवं अन्य अनुमतियों के मामलों में तत्परता बरतते हुए निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने स्तर पर की गई कार्रवाई एवं प्रगति को नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट करें, ताकि प्रत्येक मामले की स्थिति का पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से अवलोकन किया जा सके। इस दौरान डीडीपीओ मनीष मलिक व सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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