सोनीपत। हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत गुजरात स्थित भारत के प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन कर लौटे जिले के 103 श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने कहा कि सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना के माध्यम से उन्हें देश के सबसे प्राचीन एवं पवित्र ज्योतिर्लिंगों में शामिल सोमनाथ महादेव के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। अरब सागर के तट और त्रिवेणी संगम के समीप स्थित इस दिव्य धाम में पहुंचकर उन्होंने आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक संतोष का अनुभव किया।

सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है सोमनाथ धाम

श्रद्धालुओं ने बताया कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, गौरव और आस्था का प्रतीक है। मंदिर परिसर में भगवान शिव के दर्शन, समुद्र तट की दिव्यता और धार्मिक वातावरण ने उनके मन को गहरे तक प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि मंदिर की भव्यता और वहां का आध्यात्मिक वातावरण जीवनभर याद रहने वाला अनुभव है।

सरकार की योजना से वरिष्ठ नागरिकों का धार्मिक यात्रा का सपना हुआ साकार

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाने की व्यवस्था की गई है। इसी कड़ी में सोनीपत जिले से 103 श्रद्धालु सोमनाथ धाम पहुंचे थे। श्रद्धालुओं ने कहा कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण वे कभी इतने दूर स्थित तीर्थस्थल की यात्रा करने की कल्पना भी नहीं कर सकते थे, लेकिन हरियाणा सरकार की इस योजना ने उनका वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया।

उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान परिवहन, भोजन, आवास और अन्य सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित एवं संतोषजनक थीं, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। श्रद्धालुओं ने कहा कि सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा।

यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने अपने यात्रा के अनुभव साझा किया

यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और यादगार क्षणों में शामिल हो गए हैं। खरखौदा निवासी निर्मला ने कहा कि भगवान सोमनाथ के दर्शन कर उनका जीवन धन्य हो गया है। गोहाना निवासी आजाद सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना बुजुर्गों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

आजाद की धर्मपत्नी ने कहा कि उनके जीवन की सबसे बड़ी धार्मिक इच्छाओं में से एक सोमनाथ धाम के दर्शन करना था, जो अब पूरी हो चुकी है। एक अन्य तीर्थयात्री भंडेरी निवासी राममेहर ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें भगवान सोमनाथ के चरणों में शीश नवाने का अवसर मिलेगा। वहीं कृष्ण कुमार ने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और नई प्रेरणा प्रदान की है।

धार्मिक पर्यटन के साथ – साथ सांस्कृतिक चेतना को भी मिल रहा बढ़ावा

श्रद्धालुओं ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। ऐसी यात्राओं से समाज में धार्मिक सद्भाव, सांस्कृतिक जागरूकता और राष्ट्रीय एकता की भावना को बल मिलता है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं के साथ संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान से सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा मिलता है। यह योजना समाज के उन वर्गों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है, जो आर्थिक कारणों से तीर्थ यात्राएं नहीं कर पाते।

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की श्रद्धालुओं ने मुक्तकंठ से की सराहना

जिले से गए सभी श्रद्धालुओं ने हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह योजना धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्वक धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने का सराहनीय प्रयास है। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार की यह पहल उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों में सदैव शामिल रहेगी।
श्रद्धालुओं ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस प्रकार की योजनाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि यह योजना समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सम्मान पहुंचाने की सरकार की सोच को भी दर्शाती है।