इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने देश और हरियाणा में बढ़ रही कमरतोड़ महंगाई तथा पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ सोनीपत में उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बैलगाड़ी के साथ मार्च निकालकर जिला उपायुक्त को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
संजीव घनगस, सोनीपत। प्रदेश में लगातार बढ़ रही कमरतोड़ महंगाई, पेट्रोल-डीजल, सीएनजी और एलपीजी रसोई गैस के दामों में बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ आज ‘इंडियन नेशनल लोकदल’ (इनेलो) द्वारा सोनीपत में सरकार के खिलाफ एक विशाल और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस उग्र प्रदर्शन के बाद इनेलो कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने जिला उपायुक्त नेहा सिंह को देश के प्रधानमंत्री के नाम एक प्रशासनिक ज्ञापन सौंपकर ईंधन की आसमान छूती कीमतों को तुरंत कम करने और त्रस्त जनता को राहत देने की मांग की। Sonipat INLD Inflation Protest के तहत आयोजित इस बड़े आंदोलन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष कुणाल गहलावत ने की। सभी इनेलो कार्यकर्ता सुबह छोटूराम चौक पर एकत्रित हुए और वहां से सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए अनोखे ढंग से बैलगाड़ी लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे।
आम जनता का जीना हुआ दूभर
इस मौके पर सोनीपत जिला प्रभारी एवं पूर्व विधायक रामफल कुंडू ने आक्रोशित प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में महंगाई के चलते एक आम आदमी का जीना पूरी तरह दूभर हो गया है। पिछले महज 15 दिनों के भीतर ईंधन और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जो अप्रत्याशित बढ़ोतरी की गई है, उसने आम जनता के पूरे जीवन को गंभीर रूप से अस्त-व्यस्त कर दिया है। कोरोना महामारी के लंबे दौर के बाद से देश के तमाम छोटे-बड़े उद्योग-धंधे पहले ही पटरी पर नहीं लौट पाए थे, ऊपर से देश का युवा भयंकर बेरोजगारी की मार झेल रहा है। इसके साथ ही किसान और गरीब मजदूर अपनी फसलों के सही दाम न मिलने के कारण लगातार भारी आर्थिक घाटे में जीने को मजबूर हैं।

बेतहाशा वृद्धि से हर वर्ग प्रभावित
प्रदर्शनकारी नेताओं ने पुरजोर तरीके से रेखांकित किया कि ईंधन की कीमतों में हुई इस बेतहाशा वृद्धि के कारण समाज के सभी वर्गों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। बाजार में सब्जियां, अनाज, दूध, दही और घी जैसी तमाम दैनिक आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे रसोई का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। डीजल महंगा होने से खेतों में ट्रैक्टर, ट्यूबवेल और अन्य कृषि मशीनरी चलाना बेहद खर्चीला हो गया है। इसके अलावा सीमेंट, सरिया, ईंट और रेत के दाम आसमान छूने से अब गरीबों के लिए अपना आशियाना बनाना भी बहुत मुश्किल हो गया है। परिवहन महंगा होने से स्कूल बसों की फीस और माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है, जिससे शिक्षा और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हैं।
इनेलो ने रखी चार प्रमुख मांगें
उपायुक्त के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को भेजे गए इस ज्ञापन में इंडियन नेशनल लोकदल ने पीड़ित जनता को तुरंत राहत देने के लिए मुख्य रूप से चार बड़ी मांगें रखी हैं। पहली मांग के तहत पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, एलपीजी और तारकोल की बढ़ी हुई सभी कीमतों को सरकार तुरंत वापस ले। दूसरी मांग में पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाए गए भारी-भरकम करों, जैसे एक्साइज ड्यूटी और वैट (VAT) में भारी कटौती करने की अपील की गई है। इसके साथ ही रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए सरकार प्रभावी कदम उठाए और महंगाई की मार झेल रहे किसानों व आम जनता को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए विशेष राहत योजनाएं तुरंत लागू की जाएं।

मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
इनेलो के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार को स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते इस जनविरोधी फैसले को वापस नहीं लिया गया और बेकाबू महंगाई पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले दिनों में आम जनता सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को पूरी तरह मजबूर होगी। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष कुणाल गहलावत, प्रदेश सचिव कृष्ण मलिक, पूर्व एसपी अनुप दहिया, सुरेश त्यागी, भूपेंद्र मलिक, सुरेंद्र मलिक, सुरेंद्र सिरसाड़, विजेंद्र शेखपुरा, गोपाल जाजी, बलवान नंबरदार, प्रदीप दहिया, मास्टर बिट्टू राठधना, ओमप्रकाश गोयल, सतपाल गोयल, आनंद खत्री, विकास मलिक, पंडित राजेंद्र गौड़, राजबाला गहलावत, पूनम रोहिल्ला, सेठा प्रजापती सहित सैकड़ों की संख्या में पार्टी पदाधिकारी और जागरूक कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे।

