सोनीपत में पुलिस ने बदमाशों की तलाश के दौरान गलती से एक छात्र पर फायरिंग कर दी। घायल छात्र शौर्य और उसका दोस्त अमित बेगुनाह पाए गए हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

सोनीपत। जिले में पुलिस की एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां क्राइम ब्रांच खरखौदा और गोहाना सदर की टीम ने बदमाशों के संदेह में एक बेगुनाह छात्र को गोली मार दी। घायल छात्र की पहचान शौर्य के रूप में हुई है, जो अपने दोस्त अमित के साथ हुंडई वेन्यू कार में सवार था। दरअसल, रोहतक में एक वारदात के बाद पुलिस को हुंडई वेन्यू कार में सवार बदमाशों की तलाश थी। पुलिस कंट्रोल रूम से मिली सूचना (VT) के आधार पर टीम ने छात्रों की कार का पीछा किया और उन्हें बदमाश समझकर फायरिंग कर दी।

गलत पहचान और पुलिस की जल्दबाजी

यह पूरी घटना उस समय हुई जब शौर्य और अमित गांव फरमाना की तरफ कोल्ड ड्रिंक लेने जा रहे थे। इत्तेफाक से उनकी कार भी उसी मॉडल की थी, जिसकी पुलिस तलाश कर रही थी। जब छात्र कार से उतरने लगे, तभी क्राइम ब्रांच के कर्मचारी ने शौर्य के पैर में गोली मार दी और अमित को दबोच लिया। हालांकि, पकड़ने के बाद पुलिस को तुरंत अपनी गलती का एहसास हुआ कि ये अपराधी नहीं बल्कि छात्र हैं। आनन-फानन में पुलिस घायल शौर्य को गोहाना के एक निजी अस्पताल ले गई। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार और इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त है।

पुलिस कमिश्नर का आश्वासन और जांच की स्थिति

इस मामले के तूल पकड़ते ही परिजनों और इनेलो कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर ममता सिंह से मुलाकात की। परिजनों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में बिना पुष्टि किए सीधे गोली चलाई गई। आने वाले समय में जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। इस घटना ने हरियाणा पुलिस की ‘मुठभेड़ नीति’ पर भी कई सवालिया निशान लगा दिए हैं।