सोनीपत। शहर की सब्जी मंडी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पनीर और गन्ने के जूस के नमूने एकत्र किए। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई इस छापेमारी से मंडी में कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर मौके से निकल गए।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच अभियान के दौरान दो दुकानों से गन्ने के जूस के नमूने और एक दुकान से पनीर का सैंपल लिया। अधिकारियों के मंडी पहुंचते ही व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ पनीर विक्रेताओं ने कार्रवाई से बचने के लिए अपनी दुकानें बंद कर दीं।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में पनीर की उपयोग अवधि 24 घंटे तक मानी जाती है। हालांकि निर्धारित मानकों के अनुसार बर्फ में सुरक्षित रखने पर इसे अधिकतम एक सप्ताह तक इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विभाग के अनुसार सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है और लगभग 14 दिनों में उनकी रिपोर्ट प्राप्त होने की उम्मीद है। यदि जांच में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कोई कमी सामने आती है तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि विभाग को उच्च अधिकारियों से स्पष्ट निर्देश प्राप्त हैं कि दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा अपनी समृद्ध खानपान संस्कृति के लिए जाना जाता है और खाद्य पदार्थों में मिलावट सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर हमला है। इसी को ध्यान में रखते हुए आगामी दो से तीन महीनों तक पनीर सहित अन्य डेयरी उत्पादों की विशेष जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।