मुरादाबाद. समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर एक बयान दिया है, जिसके बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम विद्वानों और इस्लामिक स्कॉलर्स का मानना है कि श्रीराम और श्रीकृष्ण इस्लाम में बताए गए 1,24,000 पैगंबरों (नबियों) में शामिल हो सकते हैं. उनके इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

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एसटी हसन ने क्या कहा?

डॉ. एसटी हसन ने कहा कि इस्लाम में 1,24,000 पैगंबरों का उल्लेख मिलता है और कुछ मुस्लिम विद्वानों की राय है कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण भी उन्हीं पैगंबरों में से हो सकते हैं. उन्होंने इसे कुछ इस्लामिक विद्वानों की व्याख्या बताया.

बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल

पूर्व सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक संगठनों में बहस शुरू हो गई है. विभिन्न पक्ष इस पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं. हालांकि, इस विषय पर अलग-अलग धार्मिक परंपराओं और विद्वानों के विचार भिन्न हैं और इस दावे पर कोई सर्वसम्मत मत नहीं है.

पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद

इससे पहले भी भगवान श्रीकृष्ण और अन्य धार्मिक व्यक्तित्वों को लेकर दिए गए कुछ बयानों पर विवाद खड़ा हो चुका है. हाल ही में एक स्थानीय मौलाना द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को “नमाजी” बताए जाने के बयान पर संत समाज ने कड़ी आपत्ति जताई थी.

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बयानों पर जारी है बहस

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक विषयों पर दिए जाने वाले ऐसे बयान अक्सर सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का कारण बनते हैं. वहीं, विभिन्न धार्मिक संगठनों ने लोगों से संवेदनशील मुद्दों पर संयम बरतने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है.