बुलंदशहर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि की भावना ही विकसित भारत के निर्माण का आधार है. उन्होंने कहा कि बुलंदशहर देश को सबसे अधिक सैनिक और सैन्य अधिकारी देने वाले जिलों में शामिल है, ऐसे में यहां सैनिक स्कूल की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया.
जनपद बुलंदशहर स्थित रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में आयोजित स्वागत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश आजादी के 75 वर्ष पूरे कर अमृत महोत्सव मना चुका है और अब भारत अपनी आजादी के शताब्दी वर्ष की तैयारियों में जुटा है. इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपने आचरण और कर्तव्यों के प्रति सजग होना होगा.
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘पंच प्रण’ प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक संकल्प हैं. इनमें सबसे पहला संकल्प गुलामी की मानसिकता का त्याग करना है. जब तक गुलामी की मानसिकता हमारे मन में बनी रहेगी, तब तक कोई भी देश और समाज आगे नहीं बढ़ सकता. विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आत्मगौरव और राष्ट्र प्रथम की भावना को अपनाना होगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अधिकारों की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन कर्तव्यों के प्रति जागरुकता भी उतनी ही आवश्यक है. केवल नारेबाजी करना ही राष्ट्रभक्ति नहीं है. एक विद्यार्थी का अनुशासित होकर शिक्षा ग्रहण करना, एक शिक्षक का अपने विद्यार्थियों को संस्कारित करते हुए समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराना भी राष्ट्र के प्रति उसके उत्तरदायित्व का निर्वहन है. यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है.
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उन्होंने कहा कि सैनिक के जीवन में ‘नेशन फर्स्ट’ का भाव सर्वोपरि होता है. यदि सैनिक के मन में राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव न हो तो देश की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है. सैनिक देशहित को सर्वोच्च मानकर अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए तैयार रहता है, तभी राष्ट्र सुरक्षित रहता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के हित के विपरीत कोई भी आचरण स्वीकार्य नहीं हो सकता. विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पूरी निष्ठा से पालन करना होगा.

