धनेश ,रेवाड़ी | गर्मी के मौसम में नहरों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों में नहाने के दौरान बढ़ रही दुर्घटनाओं को देखते हुए रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने अभिभावकों से मार्मिक अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नहरों और गहरे जल स्रोतों में नहाने के लिए न भेजें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

एसपी ने कहा कि हाल के दिनों में नहरों और अन्य जल स्रोतों में डूबने से कई किशोरों की मौत के दर्दनाक मामले सामने आए हैं। ऐसी घटनाएं केवल एक हादसा नहीं होतीं, बल्कि पूरे परिवार को जीवनभर का गहरा दुख और मानसिक आघात दे जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें नहरों, नालों, तालाबों व अन्य गहरे जल स्रोतों के पास जाने से रोकें। गर्मी और छुट्टियों के दौरान बच्चे अक्सर दोस्तों के साथ नहरों में नहाने चले जाते हैं, जहां तेज बहाव, गहराई या तैरना न आने के कारण हादसे हो जाते हैं।

एसपी मीणा ने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान माता-पिता को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। बच्चों को केवल सुरक्षित स्थानों पर ही जाने दें और उनकी गतिविधियों की नियमित निगरानी करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

ग्राम पंचायतों से भी मांगा सहयोग

रेवाड़ी पुलिस ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों से भी इस जागरूकता अभियान में सहयोग करने की अपील की है। एसपी ने कहा कि गांवों में सार्वजनिक मुनादी कर लोगों को जागरूक किया जाए कि नहरों में नहाना और नहर किनारे शराब या अन्य नशा करना न केवल खतरनाक है, बल्कि कानूनन भी प्रतिबंधित है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति ऐसे कार्य करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी दर्दनाक घटना का सामना न करना पड़े।