Business Desk – Share Market Update : शेयर बाजार में मंगलवार को (4 अगस्त) को निवेशकों को एक अलग तरह की तस्वीर देखने को मिली। एक ओर Sensex करीब 200 अंक चढ़कर 78,850 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि दूसरी ओर Nifty 150 अंक गिरकर 24,600 के आसपास कारोबार करता दिखा। आमतौर पर दोनों प्रमुख इंडेक्स एक जैसी दिशा में चलते हैं, लेकिन इस बार दोनों की चाल अलग रही। इससे निवेशकों के बीच सवाल उठने लगे कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।

हालांकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने साफ किया कि यह किसी तरह की Technical Glitch या सिस्टम फेल होने की वजह से नहीं हुआ। एक्सचेंज के मुताबिक, यह हाल ही में लागू किए गए Closing Auction Session (CAS) के नए फ्रेमवर्क का असर है।

आखिर क्यों अलग-अलग दिशा में चले Sensex और Nifty?

दरअसल, हाल ही में Derivative Trading वाले शेयरों के लिए नया Closing Auction Session (CAS) फ्रेमवर्क लागू किया गया है। इसके बाद कुछ शेयरों की Spot Price और Futures Price के बीच अंतर देखने को मिला।

इसी वजह से Sensex और Nifty के मूवमेंट में भी फर्क नजर आया। यही कारण है कि सोमवार को Sensex बढ़त में रहा, जबकि Nifty गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।

NSE ने कहा- यह तकनीकी खराबी नहीं है

सोशल मीडिया और ट्रेडिंग कम्युनिटी में इस असामान्य मूवमेंट को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इसके बाद NSE ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि Nifty और Bank Nifty की वैल्यू में दिख रहा अंतर किसी तकनीकी खराबी का परिणाम नहीं है। एक्सचेंज ने कहा कि यह बदलाव नए CAS Framework लागू होने के बाद आया है और यह सिस्टम का सामान्य परिणाम है।

कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेश से मिला सहारा

भारतीय बाजार को सोमवार को कई सकारात्मक संकेत भी मिले। Crude Oil की कीमतों में नरमी, भू-राजनीतिक तनाव कम होने और Foreign Institutional Investors (FIIs) की लगातार खरीदारी ने बाजार का माहौल मजबूत बनाए रखा।
इन कारणों से Sensex को सपोर्ट मिला और बाजार में बड़ी गिरावट नहीं आई।

वैश्विक बाजारों का मिला-जुला असर

दुनियाभर के बाजारों में भी फिलहाल सतर्क माहौल बना हुआ है। अमेरिकी Federal Reserve की ब्याज दर नीति और अमेरिकी कंपनियों के तिमाही नतीजों के बाद निवेशक अभी बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं। इसी वजह से बाजार में एकतरफा तेजी या गिरावट देखने के बजाय चुनिंदा शेयरों में ही हलचल रही।

एशियाई बाजारों में रही कमजोरी

सोमवार को एशियाई बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। कोस्पी (South Korea) 88 अंक यानी 0.83% गिरकर 6,198 पर बंद हुआ। निक्केई (Japan) 422 अंक यानी 0.66% टूटकर 63,333 पर रहा। हैंगसेंग (Hong Kong) 90 अंक यानी 0.30% गिरकर 25,919 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

अमेरिकी बाजारों ने दिया सकारात्मक संकेत

वहीं, 3 अगस्त को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। Dow Jones 693 अंक यानी 1.32% चढ़कर 53,178 पर बंद हुआ। Nasdaq 540 अंक यानी 2.13% की तेजी के साथ 25,914 पर पहुंचा। S&P 500 111 अंक यानी 1.48% बढ़कर 7,601 पर बंद हुआ।

7 दिन में FIIs ने खरीदे 7,805 करोड़ रुपए के शेयर

विदेशी निवेशकों की खरीदारी लगातार जारी है। पिछले 7 कारोबारी दिनों में FIIs/FPIs ने भारतीय शेयर बाजार में 7,805 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की है। वहीं Domestic Institutional Investors (DIIs) ने भी पिछले 7 दिनों में 2,966 करोड़ रुपए और पिछले 30 दिनों में 33,681 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की है। हालांकि, पिछले 30 दिनों में FIIs/FPIs का कुल नेट फ्लो 4,760 करोड़ रुपए निगेटिव रहा है।

एक दिन पहले बाजार में आई थी शानदार तेजी

इससे पहले 3 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। उस दिन Sensex 544 अंक चढ़कर 78,639 पर बंद हुआ था। वहीं Nifty 390 अंक की बढ़त के साथ 24,774 के स्तर पर बंद हुआ था।

निवेशकों के लिए क्या मतलब है?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल Sensex और Nifty के बीच दिखा यह अंतर किसी तकनीकी खराबी का संकेत नहीं है। नया Closing Auction Session (CAS) लागू होने के बाद इंडेक्स की गणना और Spot-Futures Price में अंतर का असर दिखाई दे रहा है। ऐसे में निवेशकों को घबराने की बजाय बाजार की मूल स्थिति और आधिकारिक अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।