दीपक कौरव, नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) की मूल्यांकन प्रक्रिया एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। नरसिंहपुर जिले के बरमान में 12वीं कक्षा की एक होनहार छात्रा ने अपनी केमिस्ट्री की उत्तर पुस्तिका की जांच में गंभीर गड़बड़ी और अनियमितता के आरोप लगाए हैं। बोर्ड की इस कथित लापरवाही के कारण छात्रा महज 2% अंकों से ‘मेधावी छात्र योजना’ के लाभ और सरकार से मिलने वाली स्कूटी से वंचित रह गई है।

री-टोटलिंग में नहीं बढ़े नंबर, तो निकलवाई कॉपी; उड़ गए होश

बरमान की रहने वाली छात्रा एकता साहू को मुख्य परीक्षा में उम्मीद से बेहद कम अंक मिले। एकता ने जब री-टोटलिंग के लिए आवेदन किया, तो वहां भी उसके नंबर नहीं बढ़े। इसके बाद छात्रा ने आरटीआई या तय प्रक्रिया के तहत अपनी उत्तरपुस्तिका की कॉपी निकलवाई।

कॉपी हाथ में आते ही जो सच सामने आया, उसने छात्रा और उसके परिवार को हैरान कर दिया। छात्रा का आरोप है कि कॉपी जांचने वाले शिक्षक ने कई ऐसे उत्तरों को गलत काट दिया है, जो पूरी तरह सही थे। आंसर शीट में कुछ जगहों पर उत्तरों और रासायनिक सूत्रों (Chemical Formulas) के साथ छेड़छाड़ जैसी स्थिति भी दिखाई दे रही है। छात्रा का दावा है कि अगर उसकी कॉपी दोबारा सही ढंग से जांची जाए, तो उसके कम से कम 20 से 25 नंबर बढ़ जाएंगे।

कॉलेज के प्रोफेसर ने भी लगाई मुहर

यह मामला सिर्फ छात्रा के दावे तक सीमित नहीं है। जब इस उत्तर पुस्तिका को करेली कॉलेज के रसायन शास्त्र (Chemistry) के सहायक प्रोफेसर रामसेवक कुशवाहा को दिखाया गया, तो उन्होंने भी माना कि मूल्यांकन में बड़ी चूक हुई है। प्रोफेसर के मुताबिक, छात्रा की कॉपी में 18 से 20 अंक बढ़ने की पूरी संभावना साफ नजर आ रही है।

बोर्ड की चुप्पी पर उठे सवाल

परेशान छात्रा एकता साहू ने अपनी उत्तर पुस्तिका के सबूतों के साथ एमपी बोर्ड (MP Board) को आधिकारिक ई-मेल भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि काफी समय बीत जाने के बाद भी बोर्ड की तरफ से अब तक कोई जवाब या आश्वासन नहीं मिला है, जिससे छात्रा का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

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