दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी(Jamia University) में छात्रों ने दाखिला प्रक्रिया को लेकर जमकर हंगामा किया और सड़क पर प्रदर्शन किया। छात्र संगठनों नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने विश्वविद्यालय की एडमिशन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। छात्र संगठनों का दावा है कि विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। खास तौर पर स्पॉट एडमिशन को लेकर छात्रों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि स्पॉट एडमिशन की प्रक्रिया के बारे में पर्याप्त जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
यूनिवर्सिटी ने आरोपों को बताया गलत
छात्रों के प्रदर्शन के बीच जामिया मिलिया इस्लामिया प्रशासन ने भ्रष्टाचार और दाखिले में गड़बड़ी के आरोपों को गलत बताया है। विश्वविद्यालय का कहना है कि एडमिशन प्रक्रिया निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत संचालित की जा रही है। जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में सोमवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने धरना-प्रदर्शन किया। छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय की दाखिला प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। NSUI के मुताबिक, दाखिले से जुड़ी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया स्पष्ट हो सके। NSUI ने आरोप लगाया कि छात्रों के दाखिले से जुड़े मामलों में कथित तौर पर अनियमितताएं हुई हैं। संगठन का कहना है कि इन आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
NSUI ने आरोप लगाया कि यह विरोध खास तौर पर स्पॉट एडमिशन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर है। छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय की ओर से अपनाई जाने वाली दाखिला प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता की मांग की है। NSUI का कहना है कि स्पॉट एडमिशन से जुड़ी प्रक्रिया को स्पष्ट और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए, ताकि छात्रों के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे। संगठन ने कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की भी मांग की है।
SFI ने आरक्षण नीति पर भी उठाए सवाल
वहीं, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की जामिया मिलिया इस्लामिया इकाई ने भी विश्वविद्यालय की नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। SFI ने विशेष रूप से स्पॉट एडमिशन प्रक्रिया और आरक्षण नीति के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाया। संगठन ने दाखिले से जुड़ी प्रक्रियाओं को सार्वजनिक और स्पष्ट तरीके से लागू करने की मांग की। दूसरी ओर, जामिया मिलिया इस्लामिया प्रशासन ने छात्रों और छात्र संगठनों की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। विश्वविद्यालय का कहना है कि दाखिला प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जा रही है।
जामिया में क्यों कराया जाता है स्पॉट एडमिशन?
जामिया मिलिया इस्लामिया में स्पॉट एडमिशन प्रक्रिया को लेकर छात्र संगठनों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया है। जहां SFI ने दाखिले में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। विश्वविद्यालय के मुताबिक, नियमित दाखिला प्रक्रिया के दौरान पहली, दूसरी और तीसरी मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद भी यदि कुछ सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें भरने के लिए स्पॉट एडमिशन प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य खाली बची सीटों को भरना होता है, ताकि निर्धारित पाठ्यक्रमों में उपलब्ध सीटें खाली न रहें।
SFI ने लगाए ये आरोप
SFI का आरोप है कि स्पॉट एडमिशन के दौरान योग्य उम्मीदवारों को दाखिला नहीं दिया गया, जबकि कम रैंक वाले या कथित तौर पर अयोग्य उम्मीदवारों को प्रवेश दिए जाने की बात सामने आई है। संगठन ने यह भी सवाल उठाया कि विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रमवार खाली सीटों, वेटिंग लिस्ट और सीटें भरने के लिए अपनाए गए मानदंडों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने SFI के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया। अधिकारी के मुताबिक, जामिया में दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें किसी तरह की हेरफेर की गुंजाइश नहीं है।
छात्रों के स्वागत संदेश के बाद उठे सवाल
जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संगठनों का विरोध-प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है, जब विश्वविद्यालय में दाखिले की प्रक्रिया जारी है। जामिया देशभर से छात्रों को अलग-अलग एकेडमिक प्रोग्राम में प्रवेश लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। करीब एक महीने पहले विश्वविद्यालय की ओर से दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए स्वागत संदेश भी जारी किया गया था। इसमें जामिया ने छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के साथ मजबूत एकेडमिक और रिसर्च वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई थी।
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