भाजपा सांसद सुभाष बराला ने हांसी दौरे के दौरान भ्रष्टाचार, सांस्कृतिक विरासत और हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जैसे मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने केजरीवाल सरकार पर अपने वादों से मुकरने और पंजाब के मंत्री पर लगे ठगी के आरोपों पर तंज कसा।
नवीन शर्मा, हांसी। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुभाष बराला आज हांसी पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी देश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। बराला ने याद दिलाया कि सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण आजादी के बाद लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के मार्गदर्शन में शुरू हुआ था, जिन्होंने देश को एकजुट करने का ऐतिहासिक कार्य किया। इस अवसर पर हांसी के विधायक विनोद भयाना, पूर्व मार्केट कमेटी प्रधान राजपाल यादव और एसडीएम राजेश खोथ भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर तीखा हमला
सांसद सुभाष बराला ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और अरविंद केजरीवाल की कार्यशैली पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा की कंपनी पर लगे 100 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि जो लोग अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान भ्रष्टाचार मुक्त शासन की कसमें खाते थे, आज वही भ्रष्टाचार के दलदल में धंसे हुए हैं। बराला ने तंज कसते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल अपने हर पुराने वादे से मुकर चुके हैं। राजनीति में न आने, बंगला-गाड़ी न लेने और गठबंधन न करने की बातें करने वाले आज ‘शीश महल’ और बड़े सुरक्षा काफिलों के बीच रह रहे हैं, जो उनके कथनी और करनी के अंतर को स्पष्ट करता है।
सफाई हड़ताल और बंगाल चुनाव पर प्रतिक्रिया
हरियाणा में पिछले 11 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर बोलते हुए सुभाष बराला ने कहा कि व्यवस्था में सुधार की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने कर्मचारियों को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी बोध होना चाहिए। बराला ने आश्वासन दिया कि सरकार इस समस्या का समाधान निकालने के लिए गंभीर है और संबंधित मंत्री विपुल गोयल लगातार संपर्क में हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल चुनावों में धांधली के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि देश बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान से चलता है और मोदी सरकार में लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ संभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में इस बार चुनाव पारदर्शी रहे हैं, जिसे स्थानीय कांग्रेस ने भी स्वीकारा है।

