बक्सर: जिले के सांसद सुधाकर सिंह ने रविवार देर रात मुसाफिरगंज स्थित दारुल उलूम अशरफिया मदरसा में आयोजित ‘दस्तारबंदी जलसा’ के दौरान भारतीय जनता पार्टी और बिहार सरकार पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने भाजपा नेताओं को “नकली हिंदू” और “रावण भक्त” करार देकर जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है।
”भाजपा वाले राम भक्त नहीं, रावण भक्त हैं”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद सुधाकर सिंह ने भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “भाजपा के लोग खुद को रामभक्त कहते हैं, लेकिन इनका आचरण पूरी तरह विपरीत है। ये नकली हिंदू हैं। वास्तव में ये राम भक्त नहीं, बल्कि रावण भक्त हैं। जो वामन भगवान पूरे संसार को मुक्ति दिलाते हैं, ये घमंडी लोग उसी भगवान को मुक्त कराने की बातें कर रहे हैं।” सुधाकर सिंह का यह बयान भाजपा के धार्मिक विमर्श पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
”किसानों और हरे रंग से है चिढ़”
सांसद ने भाजपा पर किसानों के प्रति दुर्भावना रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हरा रंग किसानों की मेहनत और हरियाली का प्रतीक है, लेकिन भाजपा को इससे हमेशा से समस्या रही है। उन्होंने केंद्र सरकार के पूर्व के तीन कृषि कानूनों का जिक्र करते हुए कहा, “भाजपा को किसानों से पुरानी चिढ़ है। यही कारण है कि ये किसानों के खिलाफ काले कानून लाए थे, लेकिन हरे गमछे वाले किसानों ने अपनी एकजुटता से सरकार को घुटनों पर ला दिया था। तब प्रधानमंत्री को टीवी पर आकर माफी मांगनी पड़ी थी। भाजपा इसी का बदला समय-समय पर किसानों और हरे रंग से निकालती रहती है।”
सरकार पर भी साधा निशाना
सुधाकर सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री के हालिया बक्सर दौरे पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जिले वासियों को मुख्यमंत्री से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बक्सर को कोई विशेष सौगात नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार का विकास केवल कागजों और घोषणाओं तक सीमित है, जमीन पर कोई ठोस काम नजर नहीं आता।
गौरतलब है कि इस दस्तारबंदी जलसा में देश भर के कई प्रख्यात उलेमा, हाफिज और धर्मगुरु शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता हाफिज अब्दुल हुसैन ने की और संचालन साबित रोहतासवी ने किया। इस दौरान गुलाम रसूल बलियावी समेत कई स्थानीय नेता और मदरसा कमेटी के सदस्य प्रमुखता से मौजूद रहे। सांसद के इस आक्रामक तेवर के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोश है, जिससे जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

