अकबरपुर। पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने अपने विधानसभा क्षेत्र सुनाम के तहत आने वाले गांव अकबरपुर में कृषि और सिंचाई क्षेत्र के विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने गांव में 2.25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले एक नए नहरी आउटलेट (मोघा) और आधुनिक पाइपलाइन बिछाने के प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया।

आजादी के बाद पहली बार 789 एकड़ जमीन तक पहुंचेगा नहरी पानी

इस सिंचाई परियोजना की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक विशेषता यह है कि देश की आजादी के बाद पहली बार गांव अकबरपुर की 789 एकड़ कृषि योग्य भूमि तक सीधे नहरी पानी पहुंचेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत घग्गर ब्रांच नहर पर एक नया मोघा (आउटलेट) स्थापित किया जाएगा और खेतों तक सुचारू रूप से पानी पहुंचाने के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस क्रांतिकारी कदम से इलाके के करीब 250 किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा, जो पिछले कई दशकों से फसलों की सिंचाई के लिए नहरी पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे थे।

‘नहर पास थी, फिर भी तरसे किसान’- पिछली सरकारों पर बरसे अमन अरोड़ा

इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि घग्गर ब्रांच नहर इस गांव के बिल्कुल करीब से गुजरती है, इसके बावजूद पिछली सरकारों की घोर लापरवाही और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण अकबरपुर के किसान नहरी पानी से वंचित रहे।
अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने पानी जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर केवल राजनीति की और पंजाब के किसानों के हक की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम रहीं। उन्होंने कहा कि जैसे ही ग्रामीणों की यह जायज मांग उनके संज्ञान में आई, उन्होंने बिना किसी देरी के तुरंत फंड जारी करवाकर इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाई।

भूजल स्तर को बचाने में मिलेगी बड़ी मदद

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के जल संसाधनों के संरक्षण और अन्नदाताओं को सिंचाई सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस नए नहरी प्रोजेक्ट के दूरगामी फायदे गिनाए। किसानों की खेती और सिंचाई पर होने वाले भारी-भरकम खर्च में बड़ी कमी आएगी। सिंचाई के लिए भूजल (ट्यूबवेल) पर निर्भरता कम होगी, जिससे पंजाब के लगातार नीचे जा रहे वाटर लेवल को सुधारने में मदद मिलेगी। खेतों को सही समय पर पानी मिलने से कृषि उत्पादन बढ़ेगा और क्षेत्र के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।