भुवनेश्वर : बीजद नेता सुनीता बिस्वाल ने बुधवार को निजी कारणों का हवाला देते हुए बीजद की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के साथ ही इस क्षेत्रीय पार्टी के साथ उनका पाँच साल का रिश्ता खत्म हो गया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री हेमानंद बिस्वाल की बेटी बिस्वाल ने बीजद अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को एक औपचारिक पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी। वह 2019 में बीजद में शामिल हुई थीं और उसी साल सुंदरगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, हालाँकि उन्हें जीत नहीं मिली थी।
उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में भविष्य के चुनावी मुकाबलों से पहले राजनीतिक गतिशीलता लगातार बदल रही है। हालाँकि बिस्वाल ने इस पर और कोई टिप्पणी करने से परहेज किया है, लेकिन उनके परिवार के कांग्रेस के साथ गहरे संबंधों को देखते हुए उनके इस्तीफे से उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगने की संभावना है।
पार्टी के अंदरूनी सूत्र चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि पर्यवेक्षक उनके जाने के बाद होने वाले घटनाक्रमों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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