सुप्रीम कोर्ट के बाहर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कुछ वकीलों को हिरासत में ले लिया था. सुप्रीम कोर्ट कामकाज में रुकावट और इंटरनेट बंद करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. ये याचिका सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और अन्य लोगों की तरफ से दायर की गई है. सप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इंटरनेट बहाल किया जाए और वकीलों को उनके काम से रोका नहीं जा सकता.

सप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि जब तक कानून व्यवस्था को लेकर बड़ी चुनौती नहीं खड़ी होती मेट्रो का संचालन सामान्य तरीके से होना चाहिए.

दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में मेट्रो बंद किए जाने और वकीलों, पत्रकारों समेत कई लोगों को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोगों को अपने पेशे से जुड़े काम करने से न रोका जाए.

दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान वकीलों की हिरासत, इंटरनेट बंद करने और मेट्रो-यातायात पर लगी पाबंदियों के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2026 को सुनवाई करने का फैसला किया है.

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सीनियर वकील प्रदीप राय ने कहा कि दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच वकीलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और इस दौरान इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी जा रही हैं. सीनियर वकील प्रदीप राय ने सुप्रीम कोर्ट के सामने CEC ज्ञानेश कुमार के विरोध-प्रदर्शन के दौरान वकीलों की हिरासत और इंटरनेट बंद किए जाने से जुड़ी अपनी याचिका का ज़िक्र किया.

इसपर CJI सूर्यकांत ने कहा कि मैंने प्रदर्शनकारियों से भी अपील की है सुप्रीम कोर्ट को इसमें नहीं घसीटा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वकीलों, मुक़दमेबाज़ों और कोर्ट के स्टाफ़ की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए. वहीं दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी एक और याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई करेगा.

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