पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी शहर में हिंदू जागरण मंच द्वारा लोगों से हिंदुओं की दुकानों से बिरयानी और पूजा सामग्री खरीदने की अपील को लेकर चलाये गये पोस्टर अभियान से विवाद खड़ा हो गया है. शहर में ‘हिंदू जागरण मंच’ ने सौ से ज्यादा पोस्टर लगाए हैं. हालांकि, इनका दावा है कि यह कोई फतवा या गाइडलाइन नहीं, बल्कि एक आग्रह है. हिंदू जागरण मंच के सदस्य अभिषेक दास ने कहा है कि  यदि लोग हिंदुओं द्वारा संचालित कारोबारों का समर्थन करते हैं, तो इसका असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा.

सिलीगुड़ी में दुर्गा पूजा से पहले हिंदू जागरण मंच के ‘हिंदू दुकानों से ही बिरयानी खरीदें’ वाले पोस्टर से विवाद खड़ा हो गया है. हिंदू जागरण मंच ने पोस्टरों में लोगों से हिंदू दुकानों से बिरयानी-पूजा सामग्री खरीदने की अपील की है.

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच सिलीगुड़ी में ‘हिंदू जागरण मंच’ के पोस्टरों को लेकर विवाद हो गया है. शहर में ‘हिंदू जागरण मंच’ ने सौ से ज्यादा पोस्टर लगाए हैं. इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हिंदू जागरण मंच के सदस्य अभिषेक दास ने कहा, ”यह कोई फरमान नहीं, बल्कि एक अपील है.

अभिषेक दास ने आगे कहा कि यह निर्देश नहीं, अपील है. हिंदुओं के कारोबार को समर्थन देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा. स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी.

अभिषेक दास ने कहा, “हमने पूरे समाज को जगाने की पहल की है. असल में, यह एक सोशल मैसेज है.” उन्होंने कहा कि अगर लोग हिंदुओं के चलाए जा रहे बिजनेस को सपोर्ट करते हैं, तो इसका असर लोकल इकॉनमी पर भी पड़ेगा.

माकपा नेता और पूर्व मंत्री अशोक भट्टाचार्य, जो सिलीगुड़ी के मेयर भी रह चुके हैं, ने पुलिस एक्शन की मांग की. भट्टाचार्य ने कहा, एक धर्मनिरपेक्ष, प्रजातांत्रिक देश में ऐसे पोस्टर लगाना जुर्म है. प्रशासन ऐसे पोस्टर हटवाए. उनका कहना है कि संविधान सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार देता है और किसी व्यक्ति की आजीविका धर्म से तय नहीं होनी चाहिए.

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