Odisha Desk, भुवेश्वर: ओडिशा के रसोई बजट पर महंगाई का संकट गहराता नजर आ रहा है। राज्य में साधारण सब्जियों की श्रेणी में आने वाला प्याज अब आम उपभोक्ता के लिए महंगा साबित हो रहा है। पिछले केवल एक सप्ताह के भीतर प्याज की खुदरा कीमतों में ₹20 प्रति किलोग्राम तक का भारी उछाल दर्ज किया गया है, जिसके बाद बाज़ारों में प्याज ₹60 प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है।

व्यापारियों और आपूर्ति विभाग से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, प्याज के दामों में आई इस अचानक तेजी की मुख्य वजह आपूर्ति श्रृंखला का प्रभावित होना है। ओडिशा में मुख्य रूप से महाराष्ट्र के नासिक और कर्नाटक के बेंगलुरु से प्याज की आपूर्ति होती है। इन दोनों प्रमुख मंडियों से आवक कम होने के कारण स्थानीय बाज़ारों में प्याज की किल्लत पैदा हो गई है।

पिछले एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो थोक बाजार में प्याज की कीमतों में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक महीने पहले थोक मंडियों में प्याज का भाव ₹2,200 प्रति क्विंटल था, जो बढ़कर ₹4,000 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है।राजधानी भुवनेश्वर के थोक बाजार में प्याज वर्तमान में ₹40 प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है, जबकि खुदरा विक्रेता इसे ₹60 प्रति किलो की दर से ग्राहकों को बेच रहे हैं।

ओडिशा में प्याज की वार्षिक खपत लगभग 6 लाख टन है, जबकि राज्य में इसका स्थानीय उत्पादन नगण्य है। अकेले भुवनेश्वर शहर में ही रोजाना लगभग 200 टन प्याज की खपत होती है। ऐसे में नासिक और बेंगलुरु से ट्रकों की कम आवक ने स्थानीय स्तर पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।

बाजार में कृत्रिम अभाव और कालाबाजारी को रोकने के लिए राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सख्ती दिखाई है। विभाग की टीमों द्वारा कुबेरपुरी और आइगिणिया स्थित मुख्य व्यापारिक गोदामों में लगातार छापेमारी की जा रही है, ताकि कोई भी व्यापारी प्याज का अवैध स्टॉक न कर सके।

व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि प्याज की कीमतों में यह तेजी आने वाले 3 से 4 महीनों तक बनी रह सकती है। उपभोक्ताओं को राहत तभी मिल सकेगी जब नवंबर-दिसंबर महीने में नासिक से प्याज की नई फसल की आवक शुरू होगी। तब तक आम जनता को अपनी रसोई के बजट में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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