लुधियाना. ससराली गांव में सतलुज नदी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। नदी के एकतरफा बहाव के कारण अब तक 300 एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है और कई एकड़ जमीन नदी में समा गई है। लगातार हो रहे कटाव को देखते हुए 22 गांवों की पंचायतों ने पंजाब के गवर्नर को पत्र लिखकर मदद मांगी थी। लुधियाना के डीसी के निर्देश पर एसडीएम जसलीन कौर ने सेना से सहायता की मांग की, जिसके बाद आज सेना के अधिकारी स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंचे।
सेना और प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
सतलुज के कटाव को रोकने के लिए सेना ने मोर्चा संभाला है। राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं और नदी के दोनों किनारों पर प्लेटफॉर्म बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि नदी के बीच में रेत का बेड बन गया है, जिसे हटाकर पानी के बहाव को दोबारा केंद्र में लाया जाएगा।

किसानों की पुकार, मुआवजे की चिंता
गांववासियों का कहना है कि उनकी जमीनें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। उन्होंने बताया, “हमारे पास मशीनें हैं। अगर सेना एक पुल बना दे, तो हम मशीनों से रेत और मिट्टी हटाकर पानी का बहाव दूसरी तरफ मोड़ सकते हैं।” ग्रामीणों का दुख यह है कि जब जमीनें ही नहीं बचीं, तो गिरदावरी और मुआवजे का सवाल ही नहीं उठता।
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