भुवनेश्वर। बहुचर्चित स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती हत्याकांड के रहस्यों से पर्दा उठाने में मददगार साबित होने वाली ‘नायडू आयोग’ की जांच रिपोर्ट के गायब होने का मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, SIT ने अब तक 7 लोगों को औपचारिक नोटिस जारी किए हैं, जबकि 4 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। हालांकि, जिन तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों के पास रिपोर्ट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी होने का अनुमान है, उनमें से कुछ नोटिस मिलने के बावजूद अभी तक SIT के समक्ष पेश नहीं हुए हैं।

प्रशासनिक चूक या बड़ी साजिश?

इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर नायडू आयोग की अति-संवेदनशील जांच रिपोर्ट सरकारी फाइलों से गायब कैसे हो गई? क्या रिपोर्ट का गायब होना महज एक प्रशासनिक लापरवाही है, या फिर इसके पीछे किसी बड़ी साजिश का हाथ है? जांच एजेंसियां फिलहाल इन सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

क्राइम ब्रांच की जांच पर भी उठ रहे सवाल

दूसरी ओर मामले की जांच का जिम्मा क्राइम ब्रांच के पास होने के बावजूद अभी तक कोई बड़ा या ठोस परिणाम सामने नहीं आया है, जिससे विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनमानस में असंतोष पनप रहा है। स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या को कई साल बीत जाने के बाद भी घटना से जुड़े तमाम पहलू पूरी तरह साफ नहीं हो सके हैं, जिससे लोगों का संदेह और गहराता जा रहा है।

SIT की अगली कार्रवाई पर टिकी निगाहें

स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या और नायडू आयोग की रिपोर्ट का गायब होना आपस में कितना गहरा जुड़ा हुआ है, इसकी सच्चाई सामने लाने के लिए अब सभी की निगाहें एसआईटी की आगामी जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H