वडोदरा। गुजरात के चर्चित स्वीटी पटेल हत्याकांड में वडोदरा की 8वीं एडिशनल सेशंस कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी व निलंबित पुलिस इंस्पेक्टर (PI) ए.ए. देसाई को उम्रकैद और 2 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। सबूत मिटाने में मदद करने वाले उसके साथी व नेता कीरितसिंह जडेजा को 5 साल की सजा और 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इस मामले में न तो मृतका की लाश मिली, न डीएनए का मिलान हो सका और 128 में से मुख्य शिकायतकर्ता (भाई) समेत 40 से अधिक गवाह भी मुकर गए। इसके बावजूद कोर्ट ने परिस्थितियों की अटूट कड़ियों (Circumstantial Evidence) और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
हत्याकांड और सजा के 5 सबसे अहम कारण
पिघले हुए सोने के गहने बने मुख्य सबूत: अटाली स्थित बंद होटल से जली हुई हड्डियों के साथ पिघला हुआ मंगलसूत्र और सोने की चूड़ियां बरामद हुई थीं। हड्डियों का डीएनए सैंपल अत्यधिक जलने के कारण नहीं लिया जा सका, लेकिन एफएसएल (FSL) ने स्वीटी की पुरानी तस्वीरों में पहनी चूड़ियों से इन गहनों का सटीक मिलान किया।
जीप की उल्टी पार्किंग और मोबाइल लोकेशन: 4-5 जून 2021 की रात स्वीटी के गायब होने की सुबह देसाई के घर के बाहर जीप का अजीब तरह से उल्टा पार्क होना और उसका मोबाइल लोकेशन अटाली के उसी बंद पड़े होटल में मिलना, हत्या की ओर सीधा इशारा कर रहा था।
सहानुभूति खो चुके परिवार के उलट बाहरी गवाहों की भूमिका: स्वीटी के भाई जयदीप पटेल और परिजनों के मुकरने के बाद कोर्ट ने पीड़िता के पहले पति हेताश पांड्या और उनके बेटे की गवाही पर भरोसा जताया। उन्होंने बताया था कि स्वीटी अपने अवैध व अमान्य रिश्ते को लेकर काफी मानसिक तनाव में थी।
बिना लाश के सजा का नियम (Corpus Delicti): सुप्रीम कोर्ट के नज़ीरों का हवाला देते हुए सेशंस जज एम.बी. कोटक ने स्पष्ट किया कि हत्या के मामले में दोषी ठहराने के लिए शव का मिलना अनिवार्य नहीं है; यदि परिस्थितिजन्य साक्ष्य अपराध की पुष्टि करते हैं तो सजा दी जा सकती है।
जांच अधिकारी का अडिग रुख: कोर्ट ने माना कि पंच गवाहों के मुकरने से केस कमजोर नहीं होता। यदि जांच अधिकारी (IO) की गवाही सत्य और अडिग है, तो जब्ती (Recovery) को सही माना जाएगा।
रिश्ते को सामाजिक मान्यता की मांग बनी मौत का कारण
स्वीटी और PI देसाई ने 2017 में एक मंदिर में शादी की थी, जिससे उनका एक बेटा भी हुआ। हालांकि, देसाई पहले से शादीशुदा था और उसने इस रिश्ते को अपने परिवार व समाज से छुपा कर रखा था।
4-5 जून 2021 की रात स्वीटी द्वारा कानूनी पत्नी को तलाक देने और सामाजिक दर्जा देने की मांग को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। इसी दौरान देसाई ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को अपने दोस्त कीरितसिंह जडेजा के बंद पड़े होटल ले जाकर जला दिया। देसाई ने 6 दिन बाद खुद करजन पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर जांच को भटकाने की कोशिश की थी।
कोर्ट का अंतिम आदेश
14 अगस्त 2026 को दिए गए 72 पन्नों के फैसले के तहत, बरामद कीमती सामान सरकार के पास जमा किया जाएगा, जबकि स्वीटी का ओरिजनल पासपोर्ट व अन्य कानूनी दस्तावेज ऑस्ट्रेलिया में रह रहे उसके बेटे को सौंपे जाएंगे।
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