कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़ |हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज्य की उत्कृष्ट खेल नीति के दम पर आज हरियाणा देश का “स्पोर्ट्स पावर हाउस” बन चुका है, जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब नशे की समस्या से जूझ रहा है।
‘बल्ला घुमाओ-नशा भगाओ’ से युवाओं को संदेश
चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्टेडियम में आयोजित एलेंजर्स गली क्रिकेट टूर्नामेंट-सीजन 4 के उद्घाटन मौके पर CM सैनी ने खुद बल्ला घुमाकर “नशे की गेंद” को दूर भगाया। उन्होंने युवाओं को नशा मुक्त भारत की शपथ दिलाते हुए कहा कि खेल ही युवाओं को सही दिशा दे सकता है।
1000 करोड़ से बदली खेलों की तस्वीर
CM ने बताया कि पिछले 11.5 साल में हरियाणा सरकार ने आधुनिक खेल सुविधाओं पर 1000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसका नतीजा यह है कि राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगे का मान बढ़ा रहे हैं।
खिलाड़ियों को 6 करोड़ तक इनाम और नौकरी
सरकार की नीति के तहत ओलंपिक/पैरालंपिक पदक विजेताओं को 6 करोड़ रुपये तक इनाम की सुविधा उपलब्ध है।
इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों की सुविधा उपलब्ध है।
‘हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021’ लागू है जिसमें 550 नए पद सृजित किए गए है, 231 खिलाड़ियों को नौकरी दी गई है।
पंचकूला में रिहैब सेंटर, 24 हजार खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप
ताऊ देवीलाल खेल परिसर, पंचकूला में आधुनिक रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाया गया है। 2014-15 से अब तक 24 हजार खिलाड़ियों को 70 करोड़ की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।
ओलंपिक 2036 पर फोकस
CM ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “भारत को खेल महाशक्ति बनाने” के विजन को ध्यान में रखते हुए हरियाणा ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
CM का संदेश
“जब युवा आगे बढ़ता है, तभी देश आगे बढ़ता है। खेलों से जुड़कर ही युवा नशे से दूर रह सकता है।”

