Business Desk – Tata Motors-Iveco Deal : देश की बड़ी ऑटो कंपनियों में शामिल Tata Motors की 3.82 बिलियन यूरो यानी करीब 3.8 अरब यूरो की Iveco Group Takeover Deal अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। जरूरी नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद इवेको के शेयरधोल्डर्स के लिए 7 सितंबर से 14.10 यूरो प्रति शेयर का टेंडर ऑफर शुरू होगा। यह प्रक्रिया 26 अक्टूबर तक चलेगी।

टाटा मोटर्स का लक्ष्य इटली की ट्रक और कमर्शियल व्हीकल कंपनी इवेको पर पूरा नियंत्रण हासिल करना है। कंपनी को इवेको के सबसे बड़े शेयरहोल्डर Exor का पहले ही समर्थन मिल चुका है। एक्सोर करीब 27.06% सामान्य शेयरों की हिस्सेदारी टाटा मोटर्स के ऑफर में देने पर सहमत है। अब असली चुनौती बाकी शेयरधोल्डर्स को अपने साथ लाने की है।

सभी बड़ी रेगुलेटरी मंजूरियां पूरी

टाटा मोटर्स ने बताया कि इटली की सिक्योरिटीज रेगुलेटर Consob ने 3 सितंबर को टेंडर ऑफर के दस्तावेज को मंजूरी दे दी। इससे पहले यूरोपियन सेंट्रल बैंक की मंजूरी भी 1 सितंबर को मिल चुकी थी। कंपनी के मुताबिक जरूरी प्रतिस्पर्धा, विदेशी निवेश और दूसरी नियामकीय मंजूरियां भी पूरी हो चुकी हैं।

टाटा मोटर्स के MD और CEO गिरीश वाघ ने कहा कि टेंडर ऑफर शुरू होना इस सौदे का अहम पड़ाव है। उनका कहना है कि दोनों कंपनियों की ताकत, क्षमता और वैश्विक मौजूदगी को मिलाकर ज्यादा मजबूत और प्रतिस्पर्धी कमर्शियल व्हीकल कारोबार तैयार किया जा सकता है।

Iveco Board ने भी ऑफर को समर्थन दिया

इवेको के बोर्ड ने सर्वसम्मति से 14.10 यूरो प्रति शेयर के ऑफर की सिफारिश की है। कंपनी के स्वतंत्र डायरेक्टर्स ने भी इसे शेयरधोल्डर्स के लिए वित्तीय रूप से उचित माना है। बोर्ड के सलाहकार Goldman Sachs ने 4 सितंबर को अपनी अपडेटेड राय में ऑफर को वित्तीय नजरिए से उचित बताया। स्वतंत्र डायरेक्टर्स को Rothschild & Co की सलाह मिली है।

80% हिस्सेदारी क्यों है सबसे अहम?

एक्सोर की 27.06% हिस्सेदारी टाटा मोटर्स के साथ आने के बाद इवेको के 72.94% शेयर पब्लिक शेयरधोल्डर्स के पास रह जाते हैं। टाटा मोटर्स का शुरुआती ऑफर 95% शेयरों की स्वीकृति पर आधारित है। अगर कंपनी 95% या उससे ज्यादा हिस्सेदारी हासिल कर लेती है, तो कानूनी प्रक्रिया के जरिए बाकी अल्पांश शेयरधोल्डर्स के शेयर हासिल किए जा सकते हैं।

हालांकि 16 अक्टूबर की बैठक में Back-End Resolution को मंजूरी मिलती है तो न्यूनतम स्वीकृति सीमा 95% से घटकर 80% हो सकती है। 80% हिस्सेदारी हासिल होने पर टाटा मोटर्स इवेको को पूरी तरह अपने नियंत्रण में लेकर उसे Euronext Milan से डीलिस्ट कराने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

टाटा मोटर्स को मिलेगा बड़ा ग्लोबल स्केल

टाटा मोटर्स और इवेको के कमर्शियल व्हीकल कारोबार के जुड़ने के बाद दोनों कंपनियां सालाना 5.90 लाख से ज्यादा वाहन बेच सकती हैं। संयुक्त कारोबार का सालाना राजस्व करीब 21 बिलियन यूरो यानी लगभग 2.28 लाख करोड़ रुपए बताया गया है। इसमें यूरोप की हिस्सेदारी करीब 46% और भारत की करीब 32% होगी।

प्लांट और कर्मचारियों पर क्या होगा असर?

टाटा मोटर्स ने दो साल के लिए कुछ गैर-वित्तीय प्रतिबद्धताएं भी दी हैं। इनमें इवेको का ऑपरेशनल मुख्यालय ट्यूरिन में बनाए रखना, पूंजीगत खर्च की योजना जारी रखना और इस सौदे की वजह से सीधे तौर पर प्लांट बंद नहीं करने की बात शामिल है।

इवेको में करीब 33 हजार कर्मचारी हैं। कंपनी के 16 औद्योगिक संयंत्र और 22 आरएंडडी सेंटर हैं। इसका कारोबार कमर्शियल व्हीकल, बस, वित्तीय सेवाओं और एफपीटी इंडस्ट्रियल पावरट्रेन से जुड़ा है।

भुगतान और अगली तारीखें भी जानिए

टाटा मोटर्स ने इस सौदे के लिए 3.825 बिलियन यूरो तक की वित्तीय व्यवस्था पूरी कर ली है। टेंडर ऑफर 7 सितंबर को सुबह 8:30 बजे सीईएसटी से शुरू होकर 26 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे सीईएसटी पर बंद होगा। शुरुआती भुगतान 30 अक्टूबर को होने की उम्मीद है।

अगर जरूरी कानूनी शर्तें पूरी होती हैं तो 2 से 6 नवंबर के बीच पांच कारोबारी दिनों के लिए दोबारा स्वीकृति की अवधि खुल सकती है। इसका भुगतान 13 नवंबर को होगा। अब इस पूरी डील में सबसे बड़ा सवाल यही है कि टाटा मोटर्स बाकी पब्लिक शेयरधोल्डर्स का कितना समर्थन जुटा पाती है और क्या 80% का अहम आंकड़ा पार कर इवेको पर पूरा नियंत्रण हासिल कर पाती है।