Automobile Desk: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अगर आप नई कार खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए यह एक बेहद अहम खबर है। देश की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने अपनी पैसेंजर गाड़ियों की कीमतों में इजाफा करने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। कंपनी द्वारा ली गई यह नई कीमतें 1 सितंबर 2026 से प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएंगी। अगर आप इस महीने टाटा की कोई भी कार या SUV अपने घर लाने का विचार कर रहे हैं, तो आपको पहले के मुकाबले अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है।

कंपनी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस बार गाड़ियों के अलग-अलग मॉडल और उनके वेरिएंट के आधार पर कीमतों में 25,000 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह बढ़ोतरी किसी एक खास कैटेगरी के लिए नहीं है, बल्कि कंपनी अपने पूरे पैसेंजर व्हीकल पोर्टफोलियो पर इसे लागू करने जा रही है। यानी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले पारंपरिक इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) वाहनों के साथ-साथ टाटा के लोकप्रिय इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की श्रृंखला पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।

गाड़ियों के दाम में अचानक हुई इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह बढ़ती इनपुट और कमोडिटी लागत को माना जा रहा है। कंपनी का कहना है कि वैश्विक स्तर पर जारी राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण कच्ची सामग्री की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सामान महंगे होने की वजह से गाड़ियों को बनाने का कुल खर्च काफी बढ़ गया है। टाटा मोटर्स के अनुसार, वे लंबे समय से इस अतिरिक्त लागत का अधिकांश हिस्सा खुद वहन करते आ रहे थे ताकि ग्राहकों पर आर्थिक बोझ न पड़े, लेकिन अब स्थिति ऐसी बन गई है कि लागत का कुछ हिस्सा बाजार में ट्रांसफर करना जरूरी हो गया है।

दिलचस्प बात यह है कि चालू वर्ष में टाटा की ओर से यह दूसरी बार है जब गाड़ियों के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। इससे पहले भी कंपनी ने जून के महीने में अपने सभी मॉडलों पर करीब 1.5 प्रतिशत तक की वृद्धि का ऐलान किया था, जो कि 1 जुलाई से लागू हुआ था। अब दो महीने के भीतर ही दोबारा हुई इस घोषणा से ऑटो सेक्टर में हलचल तेज हो गई है।

हालांकि, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में केवल टाटा मोटर्स ही ऐसा कदम उठाने वाली इकलौती कंपनी नहीं है। हाल ही में दिग्गज कंपनी हुंडई मोटर इंडिया ने भी 19 अगस्त को अपनी गाड़ियों के दाम 1 फीसदी तक बढ़ाने की बात कही है, जो सितंबर से लागू हो रही है। इसके अलावा मारुति सुजुकी जैसी बड़ी कंपनियां भी लागत में उछाल का हवाला देकर पहले ही अपने वाहनों की दरें संशोधित कर चुकी हैं।

ऐसे में जो ग्राहक निकट भविष्य में टाटा की टियागो, पंच, नेक्सॉन, हैरियर या सफारी जैसी गाड़ियां खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए 31 अगस्त से पहले बुकिंग कराना या डिलीवरी लेना आर्थिक रूप से समझदारी का सौदा साबित हो सकता है। निश्चित रूप से 1 सितंबर के बाद नए ग्राहकों का बजट बिगड़ने वाला है, हालांकि सटीक मॉडल-वाइज मॉडल दरों की जानकारी शोरूम स्तर पर ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

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