कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और लोजपा (रामविलास) कोटे से बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह के बीच का विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। हाल ही में मंत्री संजय सिंह द्वारा तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ रुपये का भारी-भरकम मानहानि का नोटिस भेजे जाने के बाद सियासी सरगर्मी काफी बढ़ गई है। इस पूरे मामले पर तेज प्रताप यादव ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री को दो टूक जवाब दिया है।
मानहानि नोटिस पर तेज प्रताप की दो टूक
मंत्री संजय सिंह द्वारा भेजे गए 50 करोड़ के मानहानि नोटिस को लेकर जब तेज प्रताप यादव से सवाल किया गया, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब देते हुए कहा कि नोटिस भेजने से क्या होता है, अगर नोटिस भेजा है तो भेजा है। तेज प्रताप ने तल्ख तेवर अपनाते हुए स्पष्ट किया कि इस तरह के कानूनी नोटिसेज से उन्हें किसी भी प्रकार का कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ रचे जा रहे ऐसे हथकंडों से सच्चाई को कभी भी दबाया नहीं जा सकता है।
निजी जीवन के आरोपों पर भड़के तेज प्रताप
विवाद तब और गहरा गया जब मंत्री संजय सिंह की तरफ से तेज प्रताप यादव के चरित्र और कई लड़कियों के साथ अवैध संबंध होने जैसे गंभीर और निजी आरोप लगाए गए। इन निराधार आरोपों पर तेज प्रताप यादव का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह की फालतू की बातें बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। तेज प्रताप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वह भी मंत्री संजय सिंह के काले कारनामों और उनकी निजी जिंदगी के बारे में अच्छी तरह जानते हैं कि वह कहां रहते हैं और क्या करते हैं। इस तीखे बयानबाजी के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।


