कुंदन कुमार, पटना। राजनीतिक सरगर्मियों के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का एक बार फिर आक्रामक और जन-सरोकार से जुड़ा अंदाज देखने को मिला है। राजधानी पटना के व्यस्त इलाकों में शुमार मंदिरी, बोरिंग रोड और बुद्धा कॉलोनी क्षेत्रों में तेजस्वी यादव के रोड शो के दौरान भारी भीड़ देखने को मिली। अपने चहेते नेता की एक झलक पाने और उनकी बातों को सुनने के लिए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के समर्थकों और आम जनता का हुजूम सड़कों पर उतर आया। इस दौरान पूरा इलाका आरजेडी के नारों और समर्थकों के उत्साह से गूंज उठा।

​एमवाय समीकरण को धार देने की सोची-समझी रणनीति

​ तेजस्वी यादव का यह दौरा पूरी तरह से रणनीतिक था। आज तेजस्वी ने खास तौर पर उन इलाकों का रुख किया जहां आरजेडी का पारंपरिक वोटर बहुतायत में रहता है। इसे पार्टी के सबसे मजबूत आधार यानी ‘एमवाय’ (यादव-मुस्लिम) समीकरण और अपने कैडर को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इन क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं का यह उत्साह यह साबित करने के लिए काफी है कि पार्टी अपने मूल वोट बैंक को एकजुट रखने में पूरी तरह कामयाब हो रही है।

​जनसभा जैसा दिखा नजारा, उमड़े समर्थक

​बोरिंग रोड और बुद्धा कॉलोनी जैसे पॉश और व्यस्त इलाकों में अचानक निकला यह रोड शो किसी बड़े चुनावी जलसे में तब्दील हो गया। तेजस्वी यादव की गाड़ी के आगे और पीछे चल रहे समर्थकों का कारवां यह बता रहा था कि युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। जगह-जगह फूल-मालाओं के साथ तेजस्वी का स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने गाड़ी पर सवार होकर हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया और कई जगहों पर संक्षिप्त संबोधन भी दिया, जिसे सुनने के लिए लोग टकटकी लगाए खड़े रहे।
​कुल मिलाकर, इस रोड शो के जरिए तेजस्वी यादव ने एक बार फिर यह संदेश दे दिया है कि ज़मीनी स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत है और वे अपने कोर वोटर को साधे रखने के लिए पूरी तरह सक्रिय मोड में आ चुके हैं।