कुंदन कुमार/पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा प्रहार किया है। पटना में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राज्य की बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए और सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार दिया।
अपराध और भ्रष्टाचार का बोलबाला
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा आज बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है कि राज्य की हालत क्या है। उनके अनुसार राज्य में अपराधी बेलगाम हैं और भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। उन्होंने यहां तक दावा किया कि आपदा के समय उपयोग होने वाला सरकारी इमरजेंसी फंड भी सुरक्षित नहीं है और उसमें से भी लगातार अवैध निकासी की जा रही है जो सरकार की मंशा पर सवाल उठाता है।
बुनियादी सुविधाएं बेहाल
शिक्षा, स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए तेजस्वी ने कहा कि राज्य की आधारभूत संरचना ध्वस्त हो चुकी है। अस्पतालों में न तो डॉक्टर हैं और न ही पर्याप्त दवाएं, जिसके कारण गरीब मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं। वहीं, स्कूलों की स्थिति भी वैसी ही है, जहां शिक्षकों की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, लेकिन सरकार का ध्यान केवल विज्ञापनों पर है।
नौजवानों पर लाठी और वादों का छलावा
रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए तेजस्वी ने कहा कि जब नौजवान अपने अधिकारों की बात करने सड़क पर उतरते हैं तो उन्हें रोजगार देने के बजाय लाठियों से पीटा जाता है। उन्होंने महिलाओं से किए गए वादों को याद दिलाते हुए पूछा कि महिलाओं को दो लाख रुपये देने का वादा कब पूरा होगा? उन्होंने इन वादों को चुनाव के समय जनता को बहकाने वाला महज एक जुमला करार दिया।
तंज और चुनौती
सम्राट चौधरी पर कटाक्ष करते हुए तेजस्वी ने कहा कि वे केवल ध्यान भटकाने का काम करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों पर बात करने के बजाय आंकड़ों की बाजीगरी और प्रचार के जरिए सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही है। बेरोजगारी, महंगाई और पलायन जैसे मुद्दों पर सरकार की चुप्पी पर तेजस्वी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि बिहार की जनता अब इन खोखले दावों को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।

