कुंदन कुमार, पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार और उसके घटक दलों पर आरक्षण के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्ता में शामिल तमाम सहयोगी दल, जो खुद आरक्षण के लाभ से आगे बढ़े हैं, वे कहीं न कहीं आरक्षण के विरोधी एजेंडे पर ही काम कर रहे हैं।
आरक्षण विरोधियों के साथ सत्ता की मलाई खा रहे हैं सहयोगी
पटना में मीडिया से मुखातिब होते हुए तेजस्वी यादव ने एनडीए के प्रमुख सहयोगियों पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के प्रमुख चिराग पासवान, हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) के संरक्षक जीतन राम मांझी, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि ये सभी नेता भाजपा और आरएसएस के साथ मिलकर आरक्षण के खिलाफ काम कर रहे हैं और केवल सत्ता की मलाई खाने में व्यस्त हैं।
खुद को बताया आरक्षण के लाभ से दूर
तेजस्वी यादव ने अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए दावा किया कि उनके परिवार या उन्होंने कभी भी आरक्षण के कोटे का प्रत्यक्ष लाभ लेकर कोई फायदा नहीं उठाया। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि जो लोग आरक्षण की व्यवस्था के बूते चुनाव जीतकर सदन में पहुंचे हैं और मंत्री पद का आनंद ले रहे हैं, उनमें यदि हिम्मत है तो वे पहले अपने पदों से इस्तीफा देकर मैदान में आएं।
आरएसएस के एजेंडे पर साधा निशाना
संघ परिवार पर कड़ा प्रहार करते हुए तेजस्वी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस की वैचारिक पृष्ठभूमि हमेशा से आरक्षण विरोधी रही है। उन्होंने वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए याद दिलाया कि उस दौरान आरएसएस प्रमुख की ओर से आरक्षण की समीक्षा को लेकर दिए गए बयान के बाद बिहार की जनता ने क्या प्रतिक्रिया दी थी। जनता ने उस बयान का कड़ा विरोध किया था और चुनावी मैदान में करारा जवाब दिया था। तेजस्वी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता सब कुछ बहुत बारीकी से देख रही है और समय आने पर इसका करारा जवाब दिया जाएगा।


